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2जी स्पेक्ट्रम के दूसरे दौर की नीलामी मार्च में
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jan 2013 11:14 PM IST
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2जी स्पेक्ट्रम के दूसरे दौर की नीलामी मार्च में होगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार नीलामी की प्रक्रिया 11 मार्च से शुरू कर सकती है। इसमें जीएसएम सेवाओं के नहीं बिके स्पेक्ट्रम के अलावा सीडीएमए सेवाओं के स्पेक्ट्रम की भी नीलामी की जाएगी। सीडीएमए की नीलामी में कंपनियों की पहले दौर में बेरुखी को देखते हुए कीमतों में 30-50 फीसदी तक की कमी की जा सकती है।
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सोमवार को उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह की बैठक के बाद टेलीकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने बताया कि सभी स्पेक्ट्रम की नीलामी मार्च 2013 में की जाएगी। 900 मेगाहर्ट्ज के लिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में नीलामी की जाएगी। जहां पर कंपनियों की लाइसेंस अवधि साल 2014 में खत्म हो रही हैं।
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सूत्रों के अनुसार, ईजीओएम की बैठक में सीडीएमए की नीलामी के लिए पहले दौर में रखी गई कीमत से 30-50 फीसदी कम पर नई कीमत रखने का फैसला किया गया है। हालांकि, इस पर अंतिम मुहर केंद्रीय मंत्रिमंडल ही लगाएगी।
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नीलामी की प्रक्रिया में पहले पहले दौर में नहीं बिके 1,800 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम, 900 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम और सीडीएमए के 800 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम की बिक्री की जाएगी। नवंबर में हुई नीलामी में 1,800 मेगाहर्ट्ज की नीलामी में कंपनियों की रुचि न दिखाने के बाद कैबिनेट ने दूसरे दौर की नीलामी के लिए 30 फीसदी कम कीमत तय की है।
पहले दौर की नीलामी के लिए सरकार ने सीडीएमए के लिए प्रत्येक 800 मेगाहर्ट्ज के ब्लॉक के लिए 4,550 करोड़ रुपये और पूरे देश में पांच मेगाहर्ट्ज के लिए कीमत 18,200 करोड़ रुपये रखी थी। जिसे देखते हुए किसी भी कंपनी ने पहले दौर में सीडीएमए लाइसेंस के लिए बोली नहीं लगाई थी। नवंबर में हुई 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में सरकार ने 14 हजार करोड़ रुपये का बेस प्राइस जीएसएम सेवाओं के लिए रखा था। जिससे सरकार को 30 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य पर केवल 9,047 करोड़ रुपये ही मिले थे।