फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   announcements possible of women social security in budget

आम बजट: महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को घोषणाएं संभव

Fri, 22 Feb 2013 10:47 PM IST
नई दिल्ली/प्रियंवदा सहाय
नई दिल्ली/प्रियंवदा सहाय Updated Fri, 22 Feb 2013 10:47 PM IST
विज्ञापन
announcements possible of women social security in budget

दिल्ली गैंगरेप की घटना से जागी सरकार देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आम बजट में कुछ घोषणाएं कर सकती है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और दुष्कर्म पीड़िता की मदद के लिए देश भर में चार अंकों के बहुप्रतिक्षित वुमन हेल्पलाइन नंबर का ऐलान किया जा सकता है। घरेलू हिंसा व यौन हिंसा की शिकार महिलाओं की देखभाल और सुरक्षा के लिए वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर बनाए जाने की घोषणा भी वित्त मंत्री कर सकते हैं।

विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय इन योजनाओं के प्रति गंभीर है। अगर बजट में इसकी घोषणा होती है तो अगले वित्त वर्ष में पहले देश के 100 जिलों में वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर बनाया जाएगा। इन जिलों के सरकारी अस्पतालों में घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के तत्काल इलाज के लिए दर्जन भर बिस्तरों को आरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन


अस्पताल में ही काउंसलर, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और पुलिस पीड़ित की मदद के लिए तैनात किए जाएंगे। प्रत्येक क्राइसिस सेंटर पर दो संरक्षण अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। जबकि जिन तहसील में घरेलू हिंसा की वारदात सर्वाधिक हो रही है वहां अलग से एक-एक सुरक्षा अधिकारी तैनात किये जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से चार अंकों का टोल फ्री वुमन हेल्पलाइन नंबर देश भर में सुलभ कराने की योजना है। इस नंबर पर चौबीस घंटे फोन कर शिकायत दर्ज कराया जा सकेगा। इन शिकायतों पर पुलिस प्राथमिकता से कार्रवाई करेगी। दूसरी ओर बलात्कार पीड़िता के जीवन को पटरी पर लाने के लिए व्यवसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण संबंधी योजनाओं को भी मंत्रालय ने वित्त मंत्री के समक्ष रखा है।


सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्रालय इन योजनाओं को मंजूरी देने को तैयार है, लेकिन चालू वित्त वर्ष की तुलना में बजट आवंटन बढ़ाने का संकेत नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को 18,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन पहली तिमाही में आवंटित राशि का पूरा इस्तेमाल नहीं होने की वजह से कुल आवंटन में कटौती कर दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed