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UPA सरकार देगी तोहफा, सोना होगा सस्ता!

Wed, 05 Mar 2014 01:46 PM IST
Updated Wed, 05 Mar 2014 01:46 PM IST
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anand sharma urges easing in gold import curbs

केंद्र की यूपीए सरकार जाते-जाते सोने के आयात पर सख्ती घटाने का फैसला कर सकती है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने सोने की बढ़ती तस्करी को देखते हुए आयात पर पाबंदियों में कुछ छूट दिए जाने को जरूरी बताया है।

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उन्होंने कहा है कि स्वर्ण एवं आभूषण उद्योग निर्यात के लिहाज से बेहद अहम है और इसके लिए सोने की कमी नहीं होने दी जाएगी। वाणिज्य सचिव और विदेश व्यापार महानिदेशक इस मुद्दे को वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास करेंगे। सोने पर सख्ती से नाराज ज्वैलर्स 10 मार्च से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं।
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मंगलवार को विदेशी बाजारों में नरमी के संकेत और स्टॉकिस्टों की बिकवाली से दिल्ली सराफा बाजार में सोने के भाव 60 रुपए गिरकर 31,240 रुपए प्रति 10 ग्राम पर रहे। चांदी में 570 रुपए की गिरावट रही और भाव 47,330 रुपए प्रति किलोग्राम पर रहे।

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तस्करी को लेकर चिंता

anand sharma urges easing in gold import curbs

मंगलवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की उपलब्धियों को लेखाजोखा पेश करते हुए आनंद शर्मा ने खुलकर सोने पर सख्ती घटाने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि ज्यादा पाबंदियों के चलते तस्करी की समस्या खड़ी हो गई है। इसलिए कुछ सख्ती कम करने की जरूरत है।

चालू खाते के घाटे पर काबू पाने के लिए सरकार ने पिछले साल के दौरान सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी तीन गुनी बढ़ाकर 10 फीसदी कर दी थी। इसके अलावा आयात पर 20 फीसदी निर्यात जैसी पाबंदियां भी लगी हैं।

हालांकि, इससे सोने के आयात में काफी कमी आई है लेकिन जेम्स एंड ज्वैलरी उद्योग की नाराजगी बढ़ती जा रही है।

निवेश में NDA को पछाड़ा

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आनंद शर्मा ने कहा है कि यूपीए के दस वर्षों के दौरान देश का निर्यात 78 बिलियन डॉलर से बढ़कर 300 बिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया है।

वर्ष 2000 से 2013 के दौरान 296 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हुआ, जिसमें से 273 बिलियन डॉलर यूपीए के राज में आया। इसका श्रेय उन्होंने एफडीआई की उदार नीति और विदेश व्यापार नीति को दिया है। उन्होंने दिल्ली-मुंबई, अमृतसर-कोलकाता, बंगलुरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 16 इंवेस्टमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग जोन की योजना को यूपीए की बड़ी कामयाबी बताया है।

चालू वित्त वर्ष में 325 बिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल करना मुश्किल दिख रहा है। इस बारे में पूछे जाने पर आनंद शर्मा भी निर्यात लक्ष्य को लेकर ज्यादा आश्वस्त नहीं दिखे। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इस साल निर्यात पिछले साल के मुकाबले 15-20 बिलियन डॉलर ज्यादा रहने की उम्मीद है।

FDI नीति पर मोदी को घेरा

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रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के बदले सुर पर आनंद शर्मा ने उन्हें घेरने की कोशिश की है। शर्मा ने कहा कि एफडीआई के मुद्दे पर भाजपा को दोहरा रवैया उजागर हो गया है। अब मोदी को चाहिए कि वह रिटेल में एफडीआई का विरोध करने वाली राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को समझाएं। राजे ने भी केजरीवाल की तर्ज पर एफडीआई का फैसला पलटने के लिए शर्मा को पत्र लिखा था।

सिर्फ अपने व्यापारिक हितों को बचाने और भारतीय नागरिकों के लिए यूएस वीजा की राह मुश्किल करने के मामले पर आनंद शर्मा ने अमेरिकी रवैये की आलोचना की है। खासकर भारतीय दवा कंपनियों की अमेरिका में बढ़ती उलझनों पर उन्होंने कहा कि भारतीय पेटेंट कानून विश्व व्यापार संगठन के नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं।

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