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एमवे इंडिया के चेयरमैन व दो निदेशक गिरफ्तार
कोझीकोड/एजेंसी
Updated Tue, 28 May 2013 01:10 PM IST
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नेटवर्क मार्केटिंग करने वाली कंपनी एमवे इंडिया के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम एस. पिंकने और दो कंपनी निदेशकों को वित्तीय अनियमितता के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस की अपराध शाखा के सूत्रों के मुताबिक, एमवे इंडिया के चेयरमैन एवं सीईओ विलियम एस. पिंकने और दो निदेशकों संजय मल्होत्रा और अंशु बुद्धराजा को एक महिला द्वारा कंपनी की नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए हुए भारी नुकसान की शिकायत और पहले से दर्ज तीन अन्य मुकदमों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
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पिछले साल वायनाड जिले में कंपनी के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि यह गिरफ्तारियां वायनाड पुलिस की अपराध शाखा द्वारा 2011 में दर्ज तीन मुकदमों में जारी वारंट पर की गई। दर्ज मामलों में प्राइस चिट्स और मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (बैनिंग एक्ट) के उल्लंघन के आरोप लगाए गए।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों से इस माह की शुरुआत में पूछताछ कर चुकी है और इन्हें आगे की पूछताछ के लिए सोमवार को बुलाया था। पूछताछ के लिए जब वह तीनों पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पिछले साल पुलिस की अपराध शाखा (आर्थिक अपराध) ने एमवे की मनी चेन गतिविधियों का खुलासा करने के तहत उसके त्रिशूर, कोझीकोड और कन्नूर स्थित कार्यालयों में तलाशी अभियान चलाया था। इस जगहों पर बने कंपनी के गोदाम बंद किए गए और सामानों को भी सीज कर दिया गया था।
पुलिस द्वारा यह तलाशी अभियान कोझीकोड की विशालाक्षी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर किया गया, जिसमें उसने दावा किया था कि एमवे नेटवर्क के जरिए उसे भारी नुकसान हुआ है।
इस बीच, कोच्चि में एमवे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि 2012 में दर्ज शिकायत के आधार पर केरल पुलिस की सीबी-सीआईडी द्वारा की जा रही जांच में कंपनी लगातार सहयोग कर रही है।
विलियम एस. पिंकने, अंशु बुद्ध राजा और संजय मल्होत्रा सीबी-सीआईडी के हर सवाल का जवाब देने के लिए हमेशा उपस्थित हुए।
वायनाड में 2011 में दर्ज मामले में भी कंपनी का शीर्ष प्रबंधन पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है। एमवे ने पुलिस अधिकारियों द्वारा मांगी गई सभी सूचनाएं और दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक, कंपनी ने केरल सरकार से औपचारिक नियामक या कानूनी ढांचा सुनिश्चित करने की मांग की है, जिससे कि वैधानिक तरीके से हो रहे सभी डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में स्पष्टता आए और इस तरह के मामलों का समाधान हो सके।
एमवे इंडिया
देश की अग्रणी डायरेक्ट सेलिंग एफएमसीजी कंपनी एमवे ने भारत में अपना कारोबार साल 1998 में शुरू किया था। कंपनी ने शुरुआत में कुल 200 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसमें से 22 करोड़ रुपये एफडीआई के जरिए निवेश किए गए थे।
साल 2011 तक कंपनी का कुल कारोबार 2,130 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी के देश भर में करीब 135 कार्यालय हैं।
कंपनी भारत में पांच कैटेगरी में कुल 130 उत्पादों की बिक्री करती हैं। एमवे मूल रूप से अमेरिकी कंपनी एमवे कॉरपोरेशन की अनुषंगी इकाई है।