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जेट-एतिहाद सौदे के बचाव में उतरे अजित सिंह
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Tue, 02 Jul 2013 08:07 PM IST
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जेट-एतिहाद सौदे पर कुछ सांसदों के ऐतराज के बावजूद नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने इस सौदे का बचाव किया है।
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उन्होंने कहा कि इस सौदे के विरोध की वजह तथ्यात्मक कम और राजनीतिक अधिक है। जेट-एतिहाद सौदा 2,058 करोड़ रुपये का है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी विभिन्न मंत्रालयों को पत्र लिखकर इस सौदे पर उठाई गई आपत्तियों पर कैबिनेट में चर्चा की बात कही है।
विमानन मंत्री सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण समझौता है। नागरिक विमानन मंत्रालय में इतना बड़ा यह पहला सौदा है।
एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के संदर्भ में बात करें, तो इस साल यह दूसरे अन्य किसी भी सौदे से बड़ा है। इस सौदे के कई आयाम हैं। जो लोग इस सौदे का विरोध कर रहे हैं, उनके पास इसकी राजनीतिक वजह अधिक और तथ्यात्मक कम है।
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इस सौदे पर पहली आपत्ति सीपीआई (एम.) सांसद सीताराम येचुरी की अध्यक्षता वाली संसद की एक स्थाई समिति ने उठाई थी। इसके बाद वरिष्ठ सांसद जसवंत सिंह और दिनेश त्रिवेदी ने इस सौदे पर ऐतराज जताया था।
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वहीं दूसरी ओर, जनता पाटी के प्रमुख सुब्रमण्यन स्वामी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस सौदे पर अपना विरोध जताया था। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने नागरिक विमानन, वाणिज्य और वित्त सहित विभिन्न मंत्रालयों को पत्र लिखकर जेट-एतिहाद सौदे को लेकर उठाई गई आपत्तियों से अवगत कराया है।
संसदीय समिति और सांसदों द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि प्रधानमंत्री कैबिनेट में इस पर चर्चा चाहते हैं।
अजित सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका मंत्रालय इस सौदे का विरोध नहीं करेगा। दरअसल, यह मुद्दा राजनीतिक हो गया है। चुनाव नजदीक हैं और विपक्षी दर कभी इस मंत्री पर, तो कभी उस मंत्री के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। लेकिन, उम्मीद है कि वह अपने तथ्यों की फिर से जांच करेंगे।