{"_id":"af7ebdece97d7aa4516897aea6554a8d","slug":"after-7-years-unclaim-amount-will-taken-by-investors","type":"story","status":"publish","title_hn":"निवेशकों को 7 साल बाद भी मिलेगी अनक्लेम रकम","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
निवेशकों को 7 साल बाद भी मिलेगी अनक्लेम रकम
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 30 Apr 2014 01:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आपने शेयर, डिविडेंड, डिबेंचर, डिपॉजिट के रूप में कंपनियों के पास जमा रकम सात साल से ज्यादा समय से नहीं निकाली है, तो उसे निकालने की आपको सुविधा मिलने वाली है। ऐसा नए कंपनी कानून के प्रावधान से होगा।
विज्ञापन
कंपनी मामलों का मंत्रालय इस संबंध में नई सरकार के गठन के बाद नियमों की अधिसूचना जारी करने की तैयारी कर रहा है। नए नियम के तहत निवेशक सरकार की ओर से बनाई गई नई अथॉरिटी के जरिए पैसे निकाल सकेंगे।
विज्ञापन
अभी ऐसी रकम जो कि तय समय के बाद सात साल तक कंपनियों से नहीं क्लेम की गई है, वह इनवेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड में चली जाती है। रकम इस फंड में जाने के बाद निवेशक इसे निकाल नहीं सकते।
विज्ञापन
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि नए कंपनी कानून के ड्रॉफ्ट नियम में यह प्रावधान किया गया है कि निवेशकों को सात साल से ज्यादा समय से पड़ी पूंजी को निकालने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए एक अथॉरिटी का गठन होगा। जो पूंजी निकालने के संबंध में जरूरी कार्यवाही करेगी।
अधिकारी के अनुसार इस संबंध में कंपनी कानून के तहत अगले चरण में अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इस तरह केंद्र में नई सरकार के काम संभालने के बाद इस अथॉरिटी के गठन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है।
कंपनी मामलों के मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी 2,213 कंपनियों के पास 2,523.09 करोड़ रुपये की राशि है, जिसका क्लेम निवेशकों की ओर से नहीं किया गया है। यह राशि कंपनियों के पास सात साल से कम अवधि से पड़ी है। ऐसे में निवेशक जरूरी प्रक्रिया पूरी कर इसे निकाल सकते हैं।
हालांकि जिन निवेशकों की अनक्लेम रकम सात साल से ज्यादा समय से कंपनियों के पास पड़ी हुई है उन्हें इसकी निकासी के लिए नए नियमों के लागू होने का इंतजार करना होगा।