{"_id":"9477","slug":"Market-9477-","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुद्राओं की हिफाजत पर ब्रिक्स में मंथन","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
मुद्राओं की हिफाजत पर ब्रिक्स में मंथन
Market
Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने अपनी मुद्राओं को बाहरी खतरों से बचाने के लिए सम्भावित तंत्रों पर सोमवार को विचार-विमर्श किया। इन तंत्रों में अदला-बदली की व्यवस्था और एक आरक्षित कोष की स्थापना जैसे उपाय शामिल हैं।
सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार इन तत्रों पर यह चर्चा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर मौके पर यहां बुलाई गई बैठक में ब्रिक्स देशों के नेताओं के बीच हुई।
बयान में कहा गया है, "वे (जी-20 के नेता) अपने वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स को यह कहने पर सहमत हुए हैं कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय कानूनी प्रारूपों के अनुरूप तरीके से काम करें और 2013 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं को इसके बारे में रिपोर्ट दें।"
विज्ञापन
अदला-बदली की व्यवस्था के तहत कमजोर मुद्रा वाला कोई देश दूसरी मुद्रा के साथ अदला-बदली कर विनिमय दर के खतरे से अपने को बचाता है, इस आशा के साथ कि जब स्थिति में सुधार होगा तो लेन-देन का मामला निपटा लिया जाएगा।
मनमोहन सिंह के अलावा इस बैठक में ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने हिस्सा लिया।
नेताओं ने प्रारम्भ में मौजूदा वैश्विक वित्तीय संकट पर चर्चा की और महसूस किया कि यूरोजोन संकट दुनिया भर में वित्तीय एवं आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बना हुआ है और इसके लिए सहकारी समाधान की जरूरत है।
विज्ञापन
सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार इन तत्रों पर यह चर्चा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर मौके पर यहां बुलाई गई बैठक में ब्रिक्स देशों के नेताओं के बीच हुई।
विज्ञापन
बयान में कहा गया है, "वे (जी-20 के नेता) अपने वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स को यह कहने पर सहमत हुए हैं कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय कानूनी प्रारूपों के अनुरूप तरीके से काम करें और 2013 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं को इसके बारे में रिपोर्ट दें।"
विज्ञापन
अदला-बदली की व्यवस्था के तहत कमजोर मुद्रा वाला कोई देश दूसरी मुद्रा के साथ अदला-बदली कर विनिमय दर के खतरे से अपने को बचाता है, इस आशा के साथ कि जब स्थिति में सुधार होगा तो लेन-देन का मामला निपटा लिया जाएगा।
मनमोहन सिंह के अलावा इस बैठक में ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने हिस्सा लिया।
नेताओं ने प्रारम्भ में मौजूदा वैश्विक वित्तीय संकट पर चर्चा की और महसूस किया कि यूरोजोन संकट दुनिया भर में वित्तीय एवं आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बना हुआ है और इसके लिए सहकारी समाधान की जरूरत है।