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विकास दर 6.5% से नीचे रहने का अंदेशा: CII
Market
Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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देश के प्रमुख औद्योगिक संगठन ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 2012-13 में 6.5 फीसदी से नीचे रहने की सम्भावना जताते हुए कहा कि सरकार को प्राथमिकता के आधार पर 50 अन्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन की घोषणा करनी चाहिए। कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने रविवार को कहा कि सर्वेक्षण परिणामों से व्यावसायिक गतिविधियों एवं अपेक्षाओं में गिरावट के संकेत मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता है। सरकार तात्कालिक आधार पर 50 अन्य विशाल परियोजनाओं के क्रियान्वयन की घोषणा करे एवं सभी प्रकार की मंजूरी दे। इसके अलावा निगरानी के लिए स्वतंत्र प्रणाली की स्थापना करने की आवश्यकता है। बनर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को और खोलने की दिशा में रक्षा उत्पादन, उड्डयन एवं बहु उत्पाद खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश की सीमा बढ़ाने से वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और रुपये में आ रही गिरावट थमेगी।
सीआईआई ने उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों के मध्य एक सर्वेक्षण कराया था। उसमें से 32 फीसदी ने कहा कि उनकी कम्पनियों की विस्तार योजनाएं पिछले साल की तरह इस साल भी हैं जबकि 29 फीसदी ने विस्तार योजनाओं में कटौती की बात स्वीकार की। सर्वेक्षण में 47 फीसदी उद्यमियों ने कहा कि वे पिछले साल की तरह इस वर्ष भी विदेशों में निवेश करेंगे जबकि 43 फीसदी ने कहा कि वे निवेश बढ़ाएंगे।
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उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता है। सरकार तात्कालिक आधार पर 50 अन्य विशाल परियोजनाओं के क्रियान्वयन की घोषणा करे एवं सभी प्रकार की मंजूरी दे। इसके अलावा निगरानी के लिए स्वतंत्र प्रणाली की स्थापना करने की आवश्यकता है। बनर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को और खोलने की दिशा में रक्षा उत्पादन, उड्डयन एवं बहु उत्पाद खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश की सीमा बढ़ाने से वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और रुपये में आ रही गिरावट थमेगी।
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सीआईआई ने उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों के मध्य एक सर्वेक्षण कराया था। उसमें से 32 फीसदी ने कहा कि उनकी कम्पनियों की विस्तार योजनाएं पिछले साल की तरह इस साल भी हैं जबकि 29 फीसदी ने विस्तार योजनाओं में कटौती की बात स्वीकार की। सर्वेक्षण में 47 फीसदी उद्यमियों ने कहा कि वे पिछले साल की तरह इस वर्ष भी विदेशों में निवेश करेंगे जबकि 43 फीसदी ने कहा कि वे निवेश बढ़ाएंगे।
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