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कंपनियों को नहीं मिल रहे काबिल उम्मीदवार

Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
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Market Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
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देश में करीब आधी कंपनियां अपने महत्त्वपूर्ण पदों के लिए काबिल लोगों की तलाश कर रही हैं। एक सर्वे के मुताबिक, देश की हर दो में से एक कंपनी को महत्त्वपूर्ण पदों के लिए तय मानदंडों के अनुरूप योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। आईटी, मार्केटिंग, जनसंपर्क एवं संचार जैसे सेक्टरों में कंपनियों को इसके लिए खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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34 फीसदी कंपनियों को योग्य उम्मीदवार की तलाश
मैनपावर गुप के सालाना टैलेंट शॉर्टेज सर्वे के मुताबिक इस साल देश में 48 फीसदी कंपनियों को योग्य कर्मचारियों की कमी से जूझना पड़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा 19 फीसदी घटा है। लेकिन फिर भी यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें तो यह अधिक है। ग्लोबल आधार पर औसत 34 फीसदी कंपनियों को महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं।
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नतीजतन, जरूरत होने के बावजूद लोग भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे विकसित देशों के मुकाबले भारत की स्थिति अच्छी है। काबिल कर्मचारियों की कमी से जूझने वालों में जापान लगातार दूसरे साल पहले पायदान पर है। जापान में करीब 81 फीसदी कंपनियां योग्य उम्मीदवारों की कमी से जूझ रही हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर ब्राजील (71 फीसदी) और तीसरे पर बुल्गारिया (51 फीसदी) है।
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योग्य इंजीनियर्स और टीचर्स की भारी कमी
सर्वे के मुताबिक, इस साल योग्य लोगों की सबसे ज्यादा दिक्कत आईटी सेक्टर में हो रही है। इसके अतिरिक्त मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशन, कम्युनिकेशन के क्षेत्र में नौकरियों के लिए कंपनियों को टैलेंटेड लोग नहीं मिल पा रहे हैं। इसी तरह, योग्य इंजीनियर्स, सेल्स रिप्रेंजेंटेटिव और टीचर्स का मिलना भी काफी मुश्किल हो रहा है।


मैनपावर ग्रुप इंडिया के एमडी संजय पंडित का कहना है कि इन सेक्टर में अच्छी ग्रोथ और संस्थानों में बढ़ती सोशल मीडिया की मौजूदगी के चलते कर्मचारियों की चौतरफा मांग ही कंपनियों के लिए मुश्किल की अहम वजह बनी है। कुल मिलाकर देखें तो स्थिति उतनी नहीं बिगड़ी दिख रही है। सही मायने में वैसी है नहीं। कंपनियों के दरवाजे योग्य लोगों के लिए हमेशा खुले हैं।
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