मौद्रिक नीति को समायोजित करे आरबीआई

Banking-Insurance Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
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केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए घरेलू मांग बढ़ाने की आधारभूत रणनीति अपनानी चाहिए। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि उद्योग जगत की मुश्किलों के समाधान के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी नीति को समायोजित करेगा।
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वह उद्योग जगत और रेटिंग एजेंसी द्वारा जताई गई चिंता पर बोल रहे थे। उल्लेखनीय है कि वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने कहा है कि भारत अपना निवेश श्रेणी का दर्जा खोने वाला पहला ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देश हो सकता है।
मुखर्जी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि वह (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा, क्योंकि हम वित्तीय नीति को समायोजित कर रहे हैं।" मुखर्जी ने एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) द्वारा आयोजित सम्मेलन में कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग बढ़ाने की होनी चाहिए, हम बड़ी चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम हैं।"
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन द्वारा मुखर्जी को अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था। उन्होंने कहा कि सरकार एक रेटिंग एजेंसी द्वारा जताई गई चिंता पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, " वित्त मंत्री होने के नाते मैं जमीनी हकीकत, देश के उद्योग तथा रेटिंग एजेंसी द्वारा जताई गई चिंता को नजरंदाज नहीं कर सकता।"

युरोजोन संकट पर उन्होंने कहा कि दूसरे देशों की तरह भारत को भी इस बात की चिंता है कि ग्रीस मुद्रा संघ का सदस्य बना रहेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं का रुपये पर भी असर पड़ रहा है। मुखर्जी दिए हुए समय से अधिक देर तक बोले, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और श्रोता गौर से उनके द्वारा कहे जा रहे एक-एक शब्द को सुनते रहे।
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