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12वीं योजना में होगा 8.2 फीसदी विकास दर का लक्ष्य
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 14 Sep 2012 01:21 PM IST
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सरकार अगली पंचवर्षीय योजना के तहत देश की आर्थिक विकास दर को 7.9 से बढ़ाकर 8.2 के स्तर पर पहुंचाना चाहती है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा शनिवार को बुलाई गई बैठक में इस पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इसके अलावा बैठक में आगामी योजना के तहत गरीबी उन्मूलन, शिशु मृत्युदर और रोजगार सृजन के लक्ष्यों का भी निर्धारण करते हुए इन्हें हासिल करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
विभिन्न आर्थिक, सामाजिक योजनाओं के अलावा 12वीं योजना में कृषि क्षेत्र के लिए चार फीसदी व कारखाना क्षेत्र के लिए 10 फीसदी विकास दर का बड़ा लक्ष्य भी रखा गया है। इन ऊंचे लक्ष्यों के चलते ही आगामी योजना के लिए 47.7 लाख करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जोकि 11वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) से करीब 135 फीसदी अधिक है। बैठक में योजना आयोग के सदस्य और केंद्र सरकार के प्रमुख कैबिनेट मंत्री भाग लेंगे।
योजना के प्रस्ताव संबंधी कागजात को पैनल की मंजूरी मिल जाने के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए योजना को केंद्रीय विकास परिषद (एनडीसी) के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जोकि इस मामले में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। ग्लोबल स्तर पर जारी आर्थिक नरमी को देखते हुए 12वीं योजना में आर्थिक विकास दर के लक्ष्य को 8.2 फीसदी कर दिया है, जबकि पहले 9 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा जा रहा था।
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विभिन्न आर्थिक, सामाजिक योजनाओं के अलावा 12वीं योजना में कृषि क्षेत्र के लिए चार फीसदी व कारखाना क्षेत्र के लिए 10 फीसदी विकास दर का बड़ा लक्ष्य भी रखा गया है। इन ऊंचे लक्ष्यों के चलते ही आगामी योजना के लिए 47.7 लाख करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जोकि 11वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) से करीब 135 फीसदी अधिक है। बैठक में योजना आयोग के सदस्य और केंद्र सरकार के प्रमुख कैबिनेट मंत्री भाग लेंगे।
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योजना के प्रस्ताव संबंधी कागजात को पैनल की मंजूरी मिल जाने के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए योजना को केंद्रीय विकास परिषद (एनडीसी) के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जोकि इस मामले में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। ग्लोबल स्तर पर जारी आर्थिक नरमी को देखते हुए 12वीं योजना में आर्थिक विकास दर के लक्ष्य को 8.2 फीसदी कर दिया है, जबकि पहले 9 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा जा रहा था।
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