बजट से जुड़े आपके 7 सवाल, जानिए जवाब
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क्या बजट महंगाई से राहत देगा?
बजट में महंगाई बढ़ाने वाला कोई कदम नहीं उठाया गया है। छोटे एलसीडी-एलईडी टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर व जूते जैसी मध्यम वर्ग व आम आदमी के उपयोग वाली कई चीजों पर ड्यूटी घटने से यह चीजें सस्ती होंगी।
इसके अलावा महंगाई फंड बनाया गया है, जिसका उपयोग कृषि उत्पादों की कीमतों को काबू में रखने में किया जाएगा। इससे खाने-पीने की चीजों की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या मेरा जीवन स्तर ऊंचा होगा?
जीवन स्तर में सुधार आएगा। यह दो तरह से होगा। तेल, साबुनी, जूते, टीवी व मोबाइल कई उपयोगी उत्पादों के दाम घटने से जहां खर्च में कमी आएगी, वहीं व्यक्तिगत आयकर दाताओं के लिए कर में छूट का दायरा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2.5 लाख से 3 लाख रुपये करने से टैक्स अदायगी का बोझ भी घटेगा, जो जीवनस्तर सुधारने में मददगार होगा।
क्या घर बनाना या खरीदना सस्ता होगा?
क्या घर बनाना या खरीदना सस्ता होगा?
धारा 24 के तहत होम लोन के ब्याज की अदायगी पर अब 1.5 लाख रुपये के बजाय 2 लाख रुपये तक पर छूट मिलेगी। इससे घर खरीदने की राह आसान जरूर होगी। हालांकि शहरों में रीयल एस्टेट की ऊंची कीमतों को देखते हुए यह छूट अब भी अपर्याप्त है।
क्या नौकरियां बढ़ेंगी, वेतन में क्या फायदा होगा?
डिफेंस व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टरों में एफडीआई रूट से विदेशी निवेश आकर्षित करने के उपाय बजट में किए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
दूसरी ओर कंपनियों पर टैक्स का कोई नया बोझ न डालने व ऑटो व कैपिटल गुड्स सेक्टर को उत्पाद शुल्क में छूट जारी रहने से इन सेक्टरों की सेहत सुधरेगी और कर्मचारियों की वेतन वृद्धि में बाधा नहीं आएगी।
क्या बच्चों की हायर स्टडी सस्ती होगी?
क्या बच्चों की हायर स्टडी सस्ती होगी?
एजुकेशन लोन पर कर छूट में कोई बढ़ोतरी न होने से हायर स्टडी सस्ती नहीं होगी। हालांकि देश में पांच नए आईआईएम और 4 नए एम्स खोलने की घोषणा से मैनेजमेंट और मेडिकल की हायर स्टडी के बेहतर विकल्प जरूर उपलब्ध होंगे।
क्या बजट के बाद शेयर बाजार से अच्छे रिटर्न मिलेंगे?
सरकार ने बजट में इक्विटी निवेश को बढ़ावा देने का नजरिया अपनाया है। म्यूचुअल फंड में 36 माह तक यूनिटों की होल्डिंग को अब शॉर्ट टर्म गेन के तहत ला दिया गया है। पहले एक साल से अधिक होल्डिंग लांग टर्म गेन के तहत आती थी। यह सुविधाजनक होगा।
टैक्स के जंजाल में तो नहीं उलझूंगा?
टैक्स को लेकर बजट में कोई कॉप्लिकेशन नहीं किया गया है। इसलिए करदाता टैक्स के जंजाल में नहीं उलझेंगे।