सहाराः 10 हजार करोड़ जुटाने के लिए मांगे 40 दिन
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पिछले चार महीने से जेल में बंद सहारा प्रमुख सुब्रत राय ने सुप्रीम कोर्ट से संपत्तियां बेचकर दस हजार करोड़ रुपये जमानत के लिए जुटाने के लिए कम से कम चालीस दिनों के लिए पैरोल पर छोड़े जाने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने कहा कि इस अवधि में न्यूयार्क और लंदन में स्थित लग्जरी होटलों को वह बेच देंगे। जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने हालांकि सहारा की ओर से अंतरराष्ट्रीय संपत्तियां बेचने को लेकर सवाल उठाया और कहा कि कंपनी को पहले उन संपत्तियों को बेचना चाहिए, जो देश में स्थित हैं।
राय की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा कि देश में स्थित संपत्तियों को बेचकर पांच हजार करोड़ रुपये तक की राशि एकत्र की जा सकती है। साथ ही पीठ से न्यूयॉर्क स्थित ड्रीम डाउनटाउन व द प्लाजा और लंदन स्थित ग्रोसवेनर हाउस को बेचने की अनुमति देने की मांग की, जिनके बारे में बातचीत चल रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा हमें नहीं आपत्ति
इस पर पीठ ने कहा कि हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं कि आपकी ओर से इन संपत्तियों को सही तरीके से बेचकर उससे संबंधित लेन-देन का ब्यौरा दें और बेची गई संपत्ति को कम कीमत में आकलन नहीं किया जाए।
लेकिन हम नहीं जानते कि दूसरे देश में किस तरह से संपत्ति की कीमत लगायी जाती है। पीठ में जस्टिस एआर दवे और जस्टिस एके सीकरी भी शामिल थे।
पीठ ने सेबी से कहा कि वह इस मसले पर अपने सुझाव लेकर आए कि कैसे अंतरराष्ट्रीय संपत्ति के बेचने की निगरानी की जाएगी और सुनवाई को शुक्रवार तक के लिए टाल दिया।
अदालत ने कहा कि हमें ऐसे मामलों में ज्यादा जानकारी नहीं है। हम नहीं जानते कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में काम कैसे होता है। सेबी यह हर हाल में सुनिश्चित करे कि संपत्ति को बेचने गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए और टेबल के नीचे से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
पीठ के आगे सेबी से कहा कि आप इसकी संभावनाओं पर गौर करें। हमें बिक्री की निगरानी की जरूरत है। हम यह नहीं जानते कि यह कैसे किया जाएगा। इसलिए आप इस मसले पर सुझाव के साथ आएं कि यह कैसे होगा और किस तरह की सुरक्षा बरते जाने की जरूरत है।
सहारा के ऊपर 7,000 करोड़ की देनदारी
गौरतलब है कि इसी दौरान आयकर विभाग ने एक आवेदन दाखिल कर कहा है कि सहारा 7000 करोड़ रुपये के टैक्स का देनदार है और इस मामले में जारी कार्यवाही में उसके पक्ष को भी सुना जाए।
हालांकि धवन ने विभाग के इस दावे को अस्वीकार कर दिया और कहा कि कंपनी ने इस मामले को अपीलीय प्राधिकार में चुनौती दी है। 65 वर्षीय सहारा को सर्वोच्च अदालत ने निवेशकों का बीस हजार करोड़ रुपये लौटाने के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर चार मार्च को जेल भेजा था।
साथ ही कहा था कि दस हजार करोड़ रुपये के भुगतान पर ही उन्हें जमानत मिलेगी। इसमें पांच हजार करोड़ रुपये नगद और शेष राशि बैंक गारंटी के तौर पर सहारा को जमा करने का आदेश दिया गया था। जबकि सहारा का दावा है कि उसकी ओर से निवेशकों को भुगतान किया जा चुका है।