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आइडिया व एबीटीएल को 3,900 करोड़ के टैक्स नोटिस

Fri, 05 Apr 2013 09:44 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 05 Apr 2013 09:44 PM IST
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3900 crore tax notice to idea and abtl

टेलीकॉम उद्योग पर एक बार फिर आयकर की मार पड़ी है। आयकर विभाग ने आदित्य बिड़ला समूह से जुड़ी दो कंपनियों आइडिया सेल्यूलर लिमिटेड और आदित्य बिड़ला टेलीकॉम लिमिटेड (एबीटीएल) को करीब 3,900 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली के नोटिस भेजे हैं।

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कंपनी ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए इस टैक्स डिमांड को अनुचित करार दिया है। कंपनी मामले पर कानूनी विकल्प तलाश रही है।

यह नोटिस वर्ष 2009 में समूह के भीतर हुए टेलीकॉम कारोबार के हस्तांतरण से संबंधित हैं। इसके तहत आइडिया सेल्यूलर को एबीटीएल से टेलीकॉम लाइसेंस और संपत्ति हासिल हुई थी, जिस पर आयकर विभाग ने आइडिया पर करीब 1,500 करोड़ रुपये का टैक्स लगाया है।
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इसी तरह, एबीटीएल पर भी करीब 2,400 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी निकाली है। आयकर विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टेलीकॉम लाइसेंस और संपत्तियों के हस्तांतरण को कैपिटल गेन की श्रेणी में मानते हुए टैक्स वसूली के नोटिस भेजे गए हैं।
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मामले पर आइडिया के प्रवक्ता का कहना है कि गत रविवार को आइडिया सेल्यूलर और इसकी सहायक कंपनी को टैक्स असेसमेंट आदेश प्राप्त हुए हैं।

कंपनी का मानना है कि यह मांग अनुचित हैं और मौजूदा टैक्स कानूनों की त्रुटिपूर्ण व्याख्या पर आधारित है। आइडिया ने हमेशा टैक्स कानूनों का पालन किया है। कंपनी का मानना है कि उस पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती है। कंपनी टैक्स की मांग को उपयुक्त फोरम में चुनौती देने समेत सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।

क्या है मामला
वर्ष 2009 में आदित्य बिड़ला समूह के भीतर टेलीकॉम कारोबार की प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल हुआ था। आदित्य बिड़ला टेलीकॉम लिमिटेड से आइडिया सेल्यूलर को टेलीकॉम लाइसेंस और कई परिसंपत्तियों का स्थानांतरण किया गया था। तब भी विवाद हुआ था और आखिर में अदालत से इसकी मंजूरी मिली। इसमें किसी प्रकार का वित्तीय लेनदेन नहीं हुआ। इस आधार पर कंपनी टैक्स से इनकार कर रही है।


वोडाफोन के बाद नोकिया और आइडिया का नंबर
वर्ष 2007 में टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन और हचित्सन के बीच हुए सौदे को लेकर आयकर विभाग ने वोडाफोन पर ब्याज सहित 14,200 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी निकाली थी। इस मामले पर लंबी कानूनी लड़ाई चली और अभी भी मामला सुलझा नहीं है। हाल ही में नोकिया को भी 2,100 करोड़ रुपये का टैक्स छिपाने के लिए नोटिस मिला है। इस कड़ी में आइडिया का नाम जुड़ना लाइसेंस फीस की मार झेल रहे टेलीकॉम जगत के लिए बड़ा झटका है।

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