मुश्किल में रिलायंस, 3600 करोड़ रुपए का जुर्माना
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सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) पर पूर्वोत्तर तट स्थित केजी बेसिन से लक्ष्य से कम गैस निकालने पर 57 करोड़ 90 लाख डॉलर अर्थात करीब 3,600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना ठोंका है।
पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान ने एक लिखित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। इसे मिलाकर के जी डी 6 ब्लाक से कम गैस निकालने पर रिलायंस इंडस्ट्रीज पर कुल जुर्माना 2.37 अरब डॉलर हो गया है।
पहले भी लगा था रिलायंस पर जुर्माना
इससे पहले सरकार ने आरआईएल को नोटिस भेजा था, जिसमें लक्ष्य से उत्पादन कम रहने पर 1.797 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था।
रिलायंस पर 2010-11 में कम उत्पादन के लिए 45 करोड़ 70 लाख डॉलर और 2011-12 में लक्ष्य से कम उत्पादन पर 54 करोड़ 80 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। वर्ष 2012-13 के लिए जुर्माना 79 करोड़ 20 लाख डालर था।
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि आरआईएल ने 80 एमएमएससीएमडी गैस का उत्पादन करने के लिए प्रोडक्शन फैसलिटी स्थापित की थी लेकिन कंपनी फील्ड डेवलपमेंट प्लान का पालन करने में विफल रही।
पेट्रोलियम मंत्रालय और उसकी तकनीकी शाखा डीजीएच उत्पादन का लक्ष्य पूरा न होने के लिए कुओं की खुदाई न होना बता रही है वहीं आरआईएल और उसके पार्टनर का कहना है कि अप्रत्याशित भौगोलिक जटिलताओं के कारण उत्पादन गिरा है।
'रद्द किया जाए रिलायंस का ठेका'
आम आदमी पार्टी (आप) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा केजी डी-6 गैस क्षेत्र में बरती गई अनियमितताओं को देखते हुए कंपनी का कांट्रेक्ट रद्द करने की मांग सरकार से की है।
पार्टी ने सरकार द्वारा आरआईएल पर 3,600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाए जाने पर कहा है कि यह दिशा में उठाया गया कदम है, पर रिलायंस जैसी बड़ी डिफाल्टर कंपनी के लिए यह पर्याप्त नहीं है।