{"_id":"ad60b7c0-6260-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"360-million-rice-worsened-in-warehouses","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोदामों में खराब हो गया 360 करोड़ का चावल","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
गोदामों में खराब हो गया 360 करोड़ का चावल
मुरादाबाद/पुनीत शर्मा
Updated Sat, 19 Jan 2013 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के गोदामों में रखे रखे एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन चावल खराब हो गया है। इसकी कीमत करीब 360 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एफसीआई ने गत वर्ष के इस चावल को यह कहकर लेने से इंकार कर दिया कि वह उनके मानकों पर खरा नहीं है। इसे कार्ड धारकों में वितरित नहीं किया जा सकता है। इस चावल के स्थान पर नए चावल की मांग की जा रही है। जिससे अधिकारियों में हड़कंप है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में करीब चार हजार राइस मिलें हैं। यह मिलें हर साल सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे जाने वाले धान को कूटकर चावल बनाती हैं। यह चावल एफसीआई के गोदामों को सप्लाई कर दिया जाता है। यहां से जो पेमेंट मिलता है उससे काश्तकारों को भुगतान होता है। गत वर्ष एफसीआई ने करीब बीस लाख कुंतल चावल यह कहकर वापस कर दिया था कि उनके गोदामों में अब जगह नहीं है।
विज्ञापन
राइस मिलर्स अपने यहां भंडारण कर लें और अगले साल उन्हें सप्लाई कर दें। लेकिन इस साल जब राइस मिलर्स चावल को लेकर एफसीआई वालों के पास पहुंचे तो उन्होंने पुराना चावल लेने से ही इंकार कर दिया। कह दिया कि इसकी क्वालिटी खराब हो गई है। इसे पीडीएस सिस्टम में सप्लाई नहीं किया जा सकता। एफसीआई के इस इंकार से अफसरों में हड़कंप मच गया है। प्रदेश सरकार तक बात पहुंचाई गई है। सबसे बड़ी बेचैनी यह है कि इस चावल को कहां खपाया जाएगा।
विज्ञापन
अगर प्राइवेट मार्केट में भी सप्लाई करेंगे तो उतने दाम नहीं मिलेंगे। आरएफसी सुधाकर मिश्र ने बताया कि मार्केटिंग इंसपेक्टर इस मुद्दे को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। इनकी मांग है कि पिछले साल का जो चावल फंसा है उसका निस्तारण कराया जाए। सबसे ज्यादा चावल आजमगढ़, बस्ती, फैजाबाद, गोरखपुर, देवीपाटन, वाराणसी और इलाहाबाद के गोदामों में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गोदामों में भी पिछले साल का चावल पड़ा है।