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इक्विटी के लिए बेहतर है 2013-14
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2013 01:01 PM IST
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चालू वित्त वर्ष में घरेलू मोर्चे पर तमाम प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद आगामी वित्त वर्ष (2013-14) में निवेशकों के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। आर्थिक मोर्चे पर सरकार के बड़े फैसले न लेने के बावजूद अर्थव्यवस्था पांच फीसदी की विकास दर से बढ़ी है। वहीं जिस तरह से हाल के कुछ दिनों में सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर सुधारों से जुड़े फैसलों में तेजी दिखाई है, उसका परिणाम आगामी वित्त वर्ष में ऊंची विकास दर के रूप में सामने आएगा।
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निवेश के लिए कई विकल्प
राजकोषीय घाटे पर अंकुश के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को बाजार से जोड़ने से लेकर परियोजनाओं को लागू करने में तेजी लाने के लिए निवेश पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीआई) के गठन से लेकर विनिवेश में तेजी लाने के फैसले सरकार ने किए हैं। इस तरह के फैसलों का सिलसिला जारी रहने वाला है। इसलिए इक्विटी से लेकर दूसरे निवेश विकल्पों में निवेशकों के लिए यह बेहतर साल होगा।
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बृहस्पतिवार को यहां अमर उजाला और रिलायंस म्यूचुअल फंड द्वारा संयुक्त रूप से इनवेस्टर एजुकेशन पहल के तहत आयोजित इनवेस्टमेंट प्लानिंग इन 2013 कार्यक्रम में रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के डिप्टी सीईओ हिमांशु व्यापक और सीनियर फंड मैनेजर अश्विनी कुमार ने अपने संबोधन में यह बातें कहीं।
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निवेश के लिए सुरक्षित है इक्विटी
हिमांशु व्यापक ने कहा कि इक्विटी में पैसा लगाकर निवेशक बढ़ती महंगाई को मात दे सकते हैं। म्यूचुअल फंड और इक्विटी निवेश के आसान और सुरक्षित जरिया हैं। इससे निवेशक लंबी अवधि में मोटा रिटर्न हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वे अपनी निवेश योजना कैसे तैयार करें, ताकि उनको निवेश पर अधिकतम रिटर्न हासिल हो सके।
इनवेस्टमेंट प्लानिंग इन 2013 कार्यक्रम में 150 से ज्यादा निवेशकों ने शिरकत की। इसमें बिजनेसमैन, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स भी शामिल थे। निवेशकों को निवेश संबंधित गुर सिखाने के लिए हिमांशु व्यापक ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें विभिन्न वर्ग के निवेशकों के लिए निवेश के विभिन्न विकल्पों को पेश किया गया। इसके साथ ही रिस्क के आधार पर किस तरह के निवेश पोर्टफोलियो को अपनाया जाए इसकी जानकारी दी गई।
निवेशकों के पक्ष में हैं सोने का आयात रुकना
अश्विनी कुमार की ओर से पेश प्रेजेंटेशन में मौजूदा आर्थिक स्थितियों में अगले वित्तवर्ष 2013-14 में इक्विटी निवेश की कैसी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। कुछ साल में किस तरह तमाम उतार चढ़ाव के बावजूद दीर्घ अवधि तक निवेश करने वाले निवेशक फायदे में रहे।
निवेशकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए हिमांशु व्यापक ने कहा कि 2013-14 निवेश के लिहाज से बेहतरीन साल साबित होगा। सरकार ने डीजल नियंत्रण मुक्त करने, सोने का आयात रोकने और कंपनियों का विनिवेश करने जैसे कदम उठाएं हैं, इससे राजकोषीय घाटा कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही सरकार सीसीआई, एफडीआई और जीएसटी के मोर्चे पर भी आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड के जरिए इक्विटी में निवेश करने का यह माकूल वक्त है।
रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के सीनियर फंड मैनेजर अश्विनी कुमार ने कहा कि 2013-14 इक्विटी ईयर साबित होगा। ऐसे में म्यूचुअल फंड के जरिए इक्विटी पर दांव लगाना अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि कम उम्र वाले निवेशकों के लिए इक्विटी में अपार संभावनाएं हैं।
भारतीय बाजार पर विदेशियों का भ्ररोसा
अश्विनी कुमार ने कहा कि आने वाले दो सालों में घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार में खासी तेजी देखने को मिलेगी। विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर भरोसा बढ़ रहा है, उन्होंने अभी तक 24 अरब डॉलर का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और रिजर्व बैंक ने भी ब्याज दरों में नरमी का दौर शुरू कर दिया है। इससे कंपनियों की कर्ज लेने की लागत घटेगी और उनके मुनाफे में तेजी आएगी।
अश्विनी कुमार ने कहा कि लंबी अवधि के निवेश नजरिए के लिहाज से घरेलू बाजार का वैल्यूएशन आकर्षक है। ऐसे में अगर निवेशक बाजार में निवेश करते हैं तो उन्हें दूसरे माध्यमों की तुलना में अच्छा रिटर्न हासिल हो सकता है।