10 साल में 15 करोड़ नौकरियां कहां से आएंगी?
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आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए उद्योग जगत के संगठन सीआईआई ने 100 दिवसीय एजेंडा पेश किया है। सीआईआई के अनुसार अटकी परियोजनाओं में तेजी लाने, जीएसटी व श्रम सुधार लागू कर और अगले दस साल में करीब 15 करोड़ नए रोजगार के अवसर का रोडमैप तैयार कर छह फीसदी से ज्यादा की विकास दर हासिल की जा सकती है।
नई सरकार को एक मजूबत पैकेज देना चाहिए
मंगलवार को सीआईआई के नए प्रेसिडेंट अजय एस. श्रीराम ने 100 दिवसीय एक्शन एजेंडे को पेश किया। श्रीराम के अनुसार अर्थव्यवस्था के रिवाइवल के लिए नई सरकार को एक मजूबत पैकेज देना चाहिए।
साथ ही नीतियों को सही तरीके से लागू कर ग्रोथ में तेजी लाई जा सकेगी। उनके अनुसार इस समय उद्योग जगत नीतिगत स्तर पर अहम फैसलों का इंतजार कर रहा है।
मसलन जीएसटी को लागू किया जाना चाहिए, ब्याज दरों में एक फीसदी की कमी लाई जानी चाहिए। इसके अलावा सब्सिडी को जीडीपी के 1.7 फीसदी के स्तर पर रखने की जरूरत है।
दस साल में करीब 15 करोड़ नए रोजगार
श्रीराम के अनुसार अगले दस साल में करीब 15 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाने चाहिए। इसके लिए श्रम सुधारों को जल्द से जल्द लागू करने की जरूरत है।
अगर सरकार तेजी से आर्थिक सुधारों के कदम उठाती हैं, तो अगले तीन साल में आठ फीसदी की विकास दर हासिल की जा सकती है।
सौ दिवसीय एजेंडे के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहत समन्वय करने, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर, नेशनल इनवेस्टमेंट एंड मैन्यूफैक्चरिंग जोन को समय से पूरा करने जैसे कदम उठाने की बात सीआईआई ने की है।