फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   10,000 crore rupee ipo in market but who will buy it?

10,000 करोड़ के आईपीओ आएंगे बाजार में, पर खरीदेगा कौन?

Fri, 30 May 2014 02:57 PM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला, दिल्ली
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 30 May 2014 02:57 PM IST
विज्ञापन
10,000 crore rupee ipo in market but who will buy it?

जल्द ही देश के बाजार में 10,000 करोड़ रुपए के आईपीओ बाजार में उतारे जा

विज्ञापन
सकते हैं। पर इन आईपीओ को कौन खरीदेगा और इससे बाजार को क्या होगा फायदा?

आईपीओ बाजार में जान फूकने की तैयारी

मंदी की मार से जूझ रहे आईपीओ बाजार में जान फूंकने की तैयारी है। इसके तहत कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग नियम आसान करने के साथ, निवेशकों को लुभाने का खाका वित्त मंत्रालय तैयार कर रहा है। इसके लिए वित्त मंत्रालय जल्द ही भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ पूरा रोडमैप तैयार कर सकता है। वित्त मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद अरुण जेटली वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से आने वाले दिनों में अहम आर्थिक सुधारों के संबंध में भी चर्चा कर चुके हैं। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक बड़े सुधारों में एक अहम कवायद आईपीओ बाजार में तेजी लाने की भी होगी। इसी के तहत कंपनियों के लिए आईपीओ लिस्टिंग नियम आसान करने की संभावना तलाशी जा रही है।

10,000 करोड़ के आईपीओ लाइन में
अधिकारी के अनुसार लिस्टिंग में कम समय लगने के साथ ही, आईपीओ लाने की प्रक्रिया को आसान किया जाएगा। अधिकारी के अनुसार सेबी के पास ई-आईपीओ का भी प्रस्ताव इंडस्ट्री के तरफ से आया है, जिस पर भी विचार किया जाएगा। पूरी कवायद के जरिए आईपीओ बाजार में तेजी लाने की योजना है। वेल्थ रेज सिक्योरिटीज के एमडी किरन कविकोंडाला ने अमर उजाला को बताया कि पिछले दो-तीन साल से आईपीओ बाजार आर्थिक सुस्ती के कारण मंदा है। करीब 45-50 कंपनियों के आईपीओ पाइपलाइन में हैं। मोदी सरकार आने के बाद जिस तरह से माहौल में सुधार हुआ है, अगर सरकार की तरफ से प्रोत्साहन मिलता है, तो चालू वित्त वर्ष में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ बाजार में आ सकते हैं।
विज्ञापन


आईपीओ के नियमों में होगा बदलाव

कविकोंडाला के अनुसार कंपनियों के लिस्टिंग अवधि को मौजूदा 21 दिन से घटाकर 7 दिन, डीआरएचपी फाइलिंग की अवधि को 2-3 महीने से घटाकर 40-45 करने की उम्मीद नई सरकार से है। यदि ऐसा होता है, तो न केवल कंपनियों की लागत कम होगी, बल्कि रिटेल निवेशकों के लिए खरीद-फरोख्त करना भी आसान हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

•पिछले दो-तीन साल से बाजार में अस्थिरता के चलते आईपीओ लाने से कतरा रहीं हैं कंपनियां

क्या है उम्मीद
1.लिस्टिंग अवधि 21 दिन से घटाकर 7 दिन
2.ई-आईपीओ का विकल्प
3.आईपीओ की कागजी कार्रवाई को कम करना
4.टैक्स छूट

क्या है स्थिति
करीब 45-50 कंपनियों के आईपीओ फिलहाल पाइपलाइन में हैं। यदि बाजार में तेजी आती है, तो एक साल में 10 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ आ सकते हैं। कॉफी-डे, हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल्स लिमिटेड जैसे बड़े आईपीओ आ सकते हैं। आर्थिक सुस्ती के कारण साल 2013-14 में केवल 1200 करोड़ रुपये के आईपीओ हैं। जबकि साल 2012-13 में 6,300 करोड़ रुपये के आईपीओ बाजार में आए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed