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एयरपोर्ट के लिए मुफ्त जमीन दे यूपीः केंद्र
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2013 12:03 PM IST
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उत्तर प्रदेश में हवाई अड्डों के विकास का मामला राज्य और केंद्र सरकार के बीच फंसता जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने मेरठ, बरेली, आगरा, कानपुर और गोरखपुर समेत 12 हवाई अड्डों के विकास के लिए राज्य सरकार से पूरी जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराने की मांग दोहराई है।
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अथॉरिटी की दलील है कि झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्य भी अपने यहां एयरपोर्ट के लिए मुफ्त जमीन और वित्तीय सहायता दे रहे हैं।
देशभर में 48 हवाई अड्डों के विकास के लिए अथॉरिटी को मुफ्त जमीन मिल चुकी है। जबकि यूपी के 12 हवाई अड्डों के लिए जमीन का मामला अटका हुआ है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष वीपी अग्रवाल ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के नागर विमानन विभाग की सचिव अनिता सिंह को पत्र लिखकर मेरठ एयरपोर्ट के लिए 392 एकड़ जमीन मांगी है।
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उन्होंने लिखा है कि अथॉरिटी की नीति सिर्फ उन्हीं जगहों पर एयरपोर्ट विकसित करने की है, जहां राज्य मुफ्त जमीन मुहैया कराएं।
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखा था कि राज्य सरकार मेरठ में मौजूदा हवाई पट्टी को निशुल्क सौंपने को तैयार है लेकिन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए जरूरी जमीन एएआई को सीधे किसानों से लेनी होगी। राज्य सरकार इसका आधा खर्च देने को राजी हैं।
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एएआई अध्यक्ष ने अपने हालिया पत्र में जिस तरह से बाकी राज्यों का उदाहरण दिया है उससे जमीन के मुद्दे पर केंद्र और यूपी सरकार के बीच तकरार बढ़ने के आसार हैं।
433 नहीं 392 एकड़ की जरूरत
एयरपोर्ट अथॉरिटी अध्यक्ष के पत्र में मेरठ एयरपोर्ट के लिए 392 एकड़ अतिरिक्त भूमि की मांग राज्य सरकार से की गई है।
इसमें से 370 एकड़ जमीन एयरपोर्ट और 22 एकड़ एप्रोच रोड के लिए चाहिए। पहले 427 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की योजना थी, जिसे नए मास्टर प्लान में घटाकर 392 एकड़ कर दिया गया है।
नए एयरपोर्ट का खर्च निकालना मुश्किल
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष वीपी अग्रवाल का कहना है मेरठ हवाई अड्डे के विकास पर अथॉरिटी को करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके अलावा एयरपोर्ट संचालन का पूरा खर्च अथॉरिटी उठाएगी।
नया एयरपोर्ट होने की वजह से शुरू में आमदनी कम होगी और निवेश की वसूली में काफी समय लगेगा। इन तमाम घाटों को एएआई उठाने को तैयार है। राज्य सरकार की तमाम निशुल्क सुविधा की मांग भी एएआई को स्वीकार्य है।
बीस करोड़ आबादी, एयरपोर्ट सिर्फ दो
यूपी में एयरपोर्ट विकास की जरूरत पर जोर देते हुए एएआई अध्यक्ष ने लिखा है कि राज्य आबादी के हिसाब से सबसे बड़ा प्रदेश है और लेकिन यहां वाराणसी और लखनऊ से ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हो रही हैं। देश की आबादी में करीब 17 फीसदी हिस्सेदारी वाले यूपी का हवाई यात्रियों में सिर्फ दो फीसदी हिस्सा है।
एयरपोर्ट के लिए मांगी जमीन
मेरठ---392 एकड़
आगरा---55.29 एकड़
झांसी---61 एकड़
बरेली---25 एकड़
कानपुर---50 एकड़
मुरादाबाद---340 एकड़
फुर्सतगंज---371 एकड़
फैजाबाद---251 एकड़
इलाहाबाद---50 एकड़
लखनऊ---175 एकड़
वाराणसी---174 एकड़