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नंगी आंखों से नहीं पढ़ी जा सकती ये किताब
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
Updated Fri, 15 Mar 2013 03:11 PM IST
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यूं तो बड़ी से बड़ी किताब आपने देखी होगी लेकिन क्या कभी इतनी छोटी किताब के बारे में जाना है जिसे चश्मे की मदद से भी देखा न जा सके। जी हां, जापान में दुनिया की सबसे छोटी किताब प्रिंट की गई है। किताब के निर्माता इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने के प्रयास में लग गए हैं।
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जापान के मौसमी फूलों की जानकारी देने वाली इस किताब के पन्ने इतने छोटे हैं कि नंगी आंखों से देखना तो नामुमकिन है ही, चश्मे की मदद से भी इसे पढ़ने में कठिनाई होती है। किताब इतनी छोटी है कि सुई के छेद में से भी निकाली जा सकती है।
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दुनिया की सबसे छोटी प्रिंटेड किताब का नाम सिखी नो कुसाबाना है। इस किताब के पन्नों की लंबाई 0.75 मिलीमीटर (0.3 इंच) है। किताब में 22 पन्ने हैं जिनमें फूलों की तस्वीर छपी और नाम छपे हैं। किताब के साथ साथ इसे पढ़ने के लिए मेग्नीफाइंग ग्लास भी साथ में मिलता है।
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जापान में 1664 से माइक्रो बुक्स बना रही टोपेन प्रिंटिंग के अधिकारी ने बताया कि किताब के पन्नों पर छपे अक्षर महज 0.1 मिलीमीटर के हैं। यह अक्षर मुद्रा छपाई के दौरान इस्तेमाल होने वाली टेक्नॉलजी की मदद से छापे गए हैं।
किताब को टोक्यो में टोपेन प्रिंटिंग के म्यूजियम में रखा गया है। प्रदर्शन के साथ साथ किताब बिकने के लिए भी तैयार है। इसे मेग्नीफाइंग ग्लास और बड़ी कॉपी के साथ 205 डॉलर में खरीदा जा सकता है।
फिलहाल दुनिया की सबसे छोटी किताब का रिकार्ड रूस की किताब 'कैमलिन' के नाम पर दर्ज है। इस किताब के पन्नों की लंबाई 0.9 मिलीमीटर है और इस किताब में 30 पन्ने हैं।