करिश्मा! इस नन्हे से बच्चे का दिल है सीने के बाहर
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बच्चे के जन्म होने पर सभी यही उम्मीद करते हैं कि बच्चा स्वस्थ्य और सामान्य हो। होने वाले इन मां-बाप ने भी कुछ ऐसा ही सोचा था।
जब देर रात दानतपुर गांव के निर्भय पाल की पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरु हुई, तब वो तुरंत अपनी पत्नी प्रियंका को सुलतानपुर सीएचसी लेकर पहुंचा।
बच्चा पैदा होने का सभी को इंतजार था। लेकिन डॉक्टर और बाकी लोग पैदा हुए बच्चे को देखकर दंग रह गए।
बच्चे के सीने के बाहर था दिल
पैदा हुए बच्चे को देखकर सभी हैरान रह गए। बच्चे का दिल सीने के बाहर था। सीने के बाहर ही उसका दिल जोर से धड़क रहा था।
डॉक्टरों ने बताया कि इस बच्चे को तुरंत सर्जरी की जरूरत है। ये सर्जरी सुलतानपुर में नहीं हो सकती इसलिए बच्चे को बड़े शहर में लेकर जाना होगा।
निर्भय पाल के नन्हें से बच्चे को डॉक्टरों ने पहले तो जिला महिला अस्पताल रेफर किया। जब वहां बात बनती नहीं नतर आई तो बच्चे को पीजीआई रेफर कर दिया है।
ये डेक्सट्रोकार्डिया है
बच्चे को देखने पर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. मधु सक्सेना ने बताया कि ऐसे नवजात बहुत कम ही मिलते हैं।
डॉक्टरी भाषा में इस स्थिति को डेक्सट्रोकार्डिया कहते हैं। यह ऐसी असामान्य स्थिति है जिसमें भ्रूण के विकसित होते समय दिल बायीं ओर की बजाय दांयी ओर चला जाता है।
यह स्थिति सीने के अंदर भी हो सकती है और बाहर भी। चेस्ट वॉल कमजोर होने के कारण नवजात का दिल बाहर आने की संभावना होती है। ऐसे बच्चों की सर्जरी भी दो से तीन बार तक करनी पड़ जाती है। इस तरह के नवजात कम ही बच पाते हैं।