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आखिर किसके लिए तेंदुए से भिड़ गई 'माया'
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 24 May 2013 12:37 PM IST
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इस महिला की बहादुरी का कोई सानी नहीं, जो अपने पालतू बछड़े की जान बचाने के लिए तेंदुए तक से भिड़ गई। एक पल को भी उसके दिमाग में ये ख्याल नहीं आया कि अगर तेंदुआ उसके ऊपर हावी हो गया तो उसका क्या होगा।
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गिरीपार की ग्राम पंचायत कमरऊ के गुईला गांव की ये महिला चैन से अपने घर में सो रही थी। तभी उसे पशुशाला से आवाज सुनाई दी। टॉर्च लेकर जब वो पशुशाला पहुंची तो देखा कि बछड़ा घायल है और एक तेंदुआ बाड़े में घुस आया है।
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अमूमन ऐसे खतरनाक जंगली जानवर को देखकर लोग भाग लेते हैं लेकिन माया वहीं डटी रही। हिम्मत दिखाते हुए उसने शोर मचाना शुरू कर दिया और पास पड़े पत्थर तेंदुए पर फेंकने लगी। इस दौरान तेंदुए ने तीन बार माया पर भी झपट्टा मारा।
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हालांकि बछड़ा बुरी तरह घायल हो चुका था और काफी खून बह जाने की वजह से अगली सुबह ही उसकी मौत हो गई। इस इलाके में काफी समय से जंगली जानवरों का खौफ बना हुआ है। जो रात के अंधेरे में पालतू पशुओं को अपना शिकार बनाते हैं।
भले ही माया बछ़ड़े को न बचा पाई हो लेकिन उसकी बहादुर कोशिश के किस्से दूर-दराज के गांवों में भी मशहूर हो गए हैं। पंचायत ने 26 जनवरी 2014 को माया को सम्मानित करने का फैसला किया है।