फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Bizarre News Archives ›   want to be big be then became vegetarian

तो ये है 'बिग बी' की जवानी का राज...

Sat, 05 Jan 2013 11:39 AM IST
नई दिल्ली।
नई दिल्ली। Updated Sat, 05 Jan 2013 11:39 AM IST
विज्ञापन
want to be big be then became vegetarian

अमिताभ बच्चन, सिर्फ नाम ही काफी है। भारतीय सिनेमा के बेताज बादशाह की तरह हर कोई बनना चाहता है। लेकिन अगर आपको बिग बी बनना है तो उनके तौर तरीके अपनाने होंगे। इसके लिए आपको वो खास चीज छोड़नी होगी जो आप बहुत पसंद करते हैं। वो खास चीज है 'मांसाहार'। जी हां अगर आपको बिग बी जैसा स्मार्ट और आत्मविश्वासी दिखना है तो शाकाहारी बनना होगा। यही अमिताभ बच्चन बनने की प्राथमिक शर्त मानी जा रही है।

विज्ञापन


अमिताभ बच्चन को पेटा ने साल 2012 की मशहूर शाकाहार शख्सियत से नवाजा है। अमिताभ को यह अवार्ड तीसरी बार दिया गया है। जिसके खुश अमिताभ के फैंस ने ट्विटर पर लिखा है कि अमिताभ जैसे स्मार्ट दिखने के लिए वो लोग भी शाकाहारी बन गए हैं।
विज्ञापन


मुंबई के 46 साल के अक्षय प्रताप सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि मैं भी 70 साल की उम्र में अपने नाती-पोतों के साथ बिना हांफे डांस करना चाहता हूं अमित साहब की तरह इसलिए मैंने भी आज से मांस-मच्छी छोड़ने का प्रण कर लिया है। रियली अमिताभ बच्चन इज ग्रेट। आज से मैं भी शाकाहारी बन जाऊंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


देखा आपने कि उम्र को अपने ऊपर हावी ना करने वाले अमिताभ बच्चन के दीवाने किस हद तक जा सकते हैं, शायद इसलिए पेटा ने अमिताभ को इस पदवी से नवाजा है। अगर वाकई में ऐसा होता है तो जानवरों के बचाव के लिए काम करने वाली संस्था पेटा का लक्ष्य सार्थक हो जाएगा। पेटा का कहना है कि अमिताभ जैसा हॉट और सेक्सी बनना है तो शाकाहारी बनों।


गौरतलब है कि पेटा ने अमिताभ को साल 2012 के सबसे चर्चित शाकाहारी शख्सियत से नवाजा हैं तो वहीं इस श्रेणी में उनका साथ दिया है अभिनेत्री विद्या बालन ने। पेटा ने अमिताभ और विद्या दोनों को इस खिताब से नवाजा है। अमिताभ पहले भी तीन बार इस अवार्ड से नवाजे जा चुके हैं तो वहीं विद्या बालन को भी वर्ष 2010 में यह खिताब मिल चुका है। इस मौके पर विद्या ने कहा था कि उन्हें खुशी है कि उन्हें यह सम्मान मिला है। शाकाहारी होने के कारण उन्हें खाना पचाने में मदद मिलती है। मालूम हो कि पेटा जानवरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली संस्था है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed