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वीडियो गेम से औरतें सीख रही सुरक्षा के गुर

Mon, 11 Mar 2013 04:29 PM IST
देव प्रकाश चौधरी
देव प्रकाश चौधरी Updated Mon, 11 Mar 2013 04:29 PM IST
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video games which teach women to self defence
दिल्ली गैंगरेप की दिल दहला देने वाली घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा पर लोग चुप नहीं बैठे हैं। महिलाओं के हितों की सुरक्षा के लिए विभिन्न सेमिनार, बहस, आंदोलन, डिजायन फॉर चेंज, बिरहा गीतों के बोलों के साथ ही वर्चुअल वर्ल्ड भी महिलाओं के साथ आ खड़ा हुआ है। वर्चुअल दुनिया में भी लड़कियों की सुरक्षा और हक के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट समेत कई तरह के प्रयोग हुए है।
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दिल्ली गैगरेप की घटना के चंद दिनों बाद ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लोगों ने इस तरह की घिनौनी घटनाओं की जमकर निंदा की। इसके साथ ही इंटरनेट पर गेमिंग की दुनिया इस लड़ाई में शरीक हो गई और इंटरनेट पर मौज-मस्ती से अलग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक नई शुरुआत हो गई। वीडियो गेम्स के नाम से चिढ़ने वाली पुरानी पीढ़ी ने भी इस तरह के वर्चुअल गेम्स में रुचि दिखानी शुरू कर दी।
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अकाल, भुखमरी, युद्ध शरणार्थी, एचआईवी जैसे गंभीर विषयों पर कुछ वीडियो गेम्स तो पहले से ही थे, बाल वेश्यावृत्ति और लड़कियों के साथ रेप जैसी गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान दिलाता एक वीडियो गेम 'हाफ द स्काई मूवमेंट: द गेम' फेसबुक पर 4 मार्च को आया। इस गेम को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला तो ऐसा लगा कि 'सोशल कॉज गेमिंग' का नया दौर शुरू हो गया है।
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'हाफ द स्काई मूवमेंट: द गेम' न्यूयार्क टाइम्स के कॉलम्निस्ट निकोलस डी क्रिस्टोफ और टाइम्स जर्नलिस्ट रह चुकीं शेरिल वुडुन की लिखी किताब 'हाफ द स्काई : टर्निंग ऑप्रेशन इन टु ऑपरचुनिटी फॉर वूमन वर्ल्ड वाइड' से प्रेरित है। गेम में एक लड़की है राधिका, जो अपनी जिंदगी की लड़ाई गेम के प्लेयर्स की मदद से करती है। प्लेयर्स जिन वर्चुअल सामानों से गेम में राधिका की मदद करते हैं, ठीक उसी तरह वे रियल वर्ल्ड में भी सात स्वंयसेवी संगठनों की मदद कर सकते हैं। ये सात स्वंयसेवी संगठन इस गेम से जुड़े हैं।
 
गेम की शुरुआत राधिका के सामने अपनी बेटी को डॉक्टर के पास ले जाने के प्रश्न से होती है। इसके बदले में इसका उत्तर प्लेयर्स को देना होता है। राधिका का हर स्टेप प्लेयर्स के लिए एक प्रश्न रखता है, जिसके दिए उत्तरों में से एक पर क्लिक करने के बाद राधिका की जिंदगी की दिशा तय होती है। जैसे-जैसे राधिका का आत्मविश्वास बढ़ता है, वह केन्या, वियतनाम और अफगानिस्तान पहुंचती है।
 
गेम का अंत प्लेयर को सेक्स ट्रैफिकिंग की समस्या के बारे में जानकारी देता है और प्लेयर इस क्षेत्र में काम कर रही और गेम से जुड़ी न्यूयार्क की एक संस्था को डोनेट कर सकता है।

 
इस गेम को डेवलप करने में तीन साल से ज्यादा वक्त लगा है। यह ऐसे समय में लोगों के सामने आया है, जब महिलाएं अपने ही समाज में रोज एक जंग लड़ती है, कभी जीतती है तो कभी हारती हैं। इस गेम को बनाने वालों का मकसद सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलुओं को लोगों के सामने लाना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सामाजिक बदलावों के लिए किए जा रहे कार्यों में साझेदार बन सकें।
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