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जहां हार गए पेशेवर, वहां बना डाला रिकार्ड

Wed, 02 Jan 2013 10:31 AM IST
लंदन।
लंदन। Updated Wed, 02 Jan 2013 10:31 AM IST
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us men make record to climb high peaks

जब जज्बा चट्टान जैसा हो तो मुसाफिर का रास्ता कोई नहीं रोक पाता। फिर चाहे वो तेज बर्फबारी और तूफान हो या आक्सीजन की कमी। अमेरिका के तीन पर्वतारोही भी ऐसे ही जज्बे के साथ आगे बढ़े और उन्होंने सारी रुकावटों को पीछे छोड़ दिया। इस जज्बे ने उन्हें सिर्फ मंजिल तक ही नहीं पहुंचाया बल्कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी उनके नाम हो गया। ये मुश्किल सफर तकरीबन एक महीने पहले शुरू हुआ। अमेरिका के तीन पर्वतारोही कॉनरेड एंकेर, जिम्मी चिन और रेनन ओजट्रेक ने मेरु पर्वत की केंद्रीय चोटी शार्क फिन (20,700 फीट) तक पहुंचने का लक्ष्य रखा और निकल पड़े। इसे दुनिया की सबसे मुश्किल चढ़ाइयों में शामिल किया जाता है। इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इस सफर में कई प्रोफेशनल पर्वतारोही भी बीच रास्ते से ही वापस लौट आते हैं।

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कॉनरेड, जिम्मी और रेनन ऐसा पहली बार नहीं कर रहे थे, इसलिए उन्हें हर कठिनाई का पूरा अंदाजा था। ये चढ़ाई कॉनरेड एंकेर की तीसरी कोशिश थी, जबकि जिम्मी चिन और रेनन ओजट्रेक दूसरी बार अपनी हिम्मत को आजमा रहे थे। एंकेर ने 2003 में पहली कोशिश की थी।
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बहुत ज्यादा बर्फबारी के वजह से उनकी टीम को आधे से ज्यादा रास्ता पार करने के बावजूद वापस लौटना पड़ा था। इसके बाद 2008 में एंकेर ने चिन और ओजट्रेक के साथ ही दूसरी कोशिश की। इस बार तेज तूफान ने कई दिनों तक उनका रास्ता रोके रखा। चढ़ाई शुरू करने के बाद एंकेर अपनी मंजिल के बेहद करीब तक जा पहुंचे। मगर तूफान की वजह से हुई खाने-पीने की खासी तंगी ने उन्हें मंजिल से सिर्फ 150 मीटर दूर होने के बावजूद भी वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
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सबसे दिलचस्प, हैरान करने वाली और साथ ही प्रेरणा लेने वाली बात यही है कि उसी वक्त तीनों ने इस लक्ष्य के लिए फिर से कोशिश करने की ठान ली थी। उसी मजबूत इरादे का नतीजा यह हुआ है कि तीसरी कोशिश में तीनों ने तीस दिन की कड़ी चढ़ाई के बाद उस ऊंचाई पर कदम रखा, जहां तक पहुंचना तकरीबन नामुमकिन ही समझा जाता है। इस दौरान तीनों ने जमीन से हजार फीट ऊंचे एक हैगिंग टैंट में सोते हुए समय बिताया।

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