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वाह जिंदगी: आठ बार दिया मौत को चकमा
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 09 May 2013 03:17 PM IST
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मौत को मात देने की कई कहानियां आप सुन चुके होंगे लेकिन इस कहानी को सुनकर आप दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाएंगे।
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कैंब्रिजशायर में रहने वाले 25 साल के मैथ्यू हॉक्सले एक ऐसे शख्स हैं जो आठ बार मौत का सामना कर चुके हैं। कभी उनकी गर्दन की हड्डी टूट गई, कभी दिल का दौरा पड़ गया। कभी सुपरबग ने उन पर हमला किया तो कभी कैंसर ने अपनी चपेट में ले लिया।
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लेकिन शायद विजेता इसी को कहते हैं जो हर मुसीबत से पार पा ले।
मौत से पहली बार मैथ्यू का पाला तब पड़ा जब वो दोस्तों के साथ आयरलैंड गए हुए थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जहां वह गोता लगाने जा रहे हैं उसकी गहराई महज तीन फीट है।
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जैसे ही मैथ्यू ने छलांग लगाई उनका सिर समुद्र तल की एक चट्टान से टकराया। मैथ्यू की रीढ़ की हड्डी का पांचवा जोड़ चूर-चूर हो गया। इसी दौरान उन्हें चार बार दिल का दौरा पड़ा और फेफड़े में पानी भर गया।
लेकिन किस्मत के धनी मैथ्यू फिर भी जिंदा बच गए। हालांकि पांच सप्ताह तक कोमा में रहने के बाद जब उसकी नींद खुली तो कमजोरी ने खड़ा नहीं होने दिया।
इसी दौरान एक खतरनाक कीटाणु ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। अभी बहुत कुछ होना बाकी था। इसके बाद उसे न्यूमोनिया भी हो गया।
डॉक्टरों ने तो साफ तौर पर कह दिया था कि मैथ्यू हॉक्सले अब कभी भी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकेगा। लेकिन एक बार फिर जिंदगी की जंग जीतते हुए वह उठ खड़ा हुआ।
मुसीबत यहीं तक नहीं टली थी। अस्पताल में इलाज के दौरान मैथ्यू के दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। वो न तो रंगों में भेद कर पाता था और न ही बोल पाता था। इन मुसीबतों से डॉक्टरों की मदद से पार पाया गया तो पता चला कि मैथ्यू को कैंसर ने जकड़ लिया है।
हालांकि लंबे इलाज के बाद आज वह पूरी तरह स्वस्थ है और एक बार फिर उम्मीद से जिंदगी बिता रहे हैं।