सावधान! कैंसर से बचना है तो रहें इस बेड से दूर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश में ऐसी जगहें जहां पर ठंड बहुत ज्यादा होती है। वहां लोग अक्सर ही सनबेड के सहारे गर्मी लेते हैं।
सनबेड असल में एक ऐसा बेड है जिसमें अल्ट्रा वॉयलेट रेडिऐशन निकलता है और वो बंद कमरे में भी आपको गर्म रखता है।
सनबेड का इस्तेमाल ये औरत तब से करती थी जब वो महज 14 साल की थी। अब उसे सनबेड का सहारे गर्मी और टैन लेते हुए 20 से भी ज्यादा साल हो चुके थे।
चूकीं वो और हो गई बीमारी
क्योंकि सनबेड किसी नार्मल बेड से अलग एक मशीन वाला बेड है इसलिए उस पर लेटने से पहले कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए।
उस पर लेटने वाले व्यक्ति को हमेशा इस बात का ध्यान देना चाहिए कि वो पहले गौगल यानि के खास तरह के चश्में जरूर पहनें। इन चश्मों को पहनने से मशीन से मिलने वाली गर्मी और कॉस्मेटिक टैन आंखों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाती है।
लेकिन इस बात का पता 42 साल की डेबी गिबसन को नहीं था और वो लगातार बीस सालों तक इस सनबेड पर सोती रही थी। फिर अचानक एक दिन डेबी को पता चला कि उसे कैंसर है।
आंखों का था जानलेवा कैंसर
साल 2012 में उसे पता चला कि वो दुर्लभ आखों के कैंसर से पीड़ित है। यहीं नहीं, उसने शुरूआत में ही अपनी आंखें बचाते हुए उसे ऑपरेशन के दौरान निकलवा लिया था। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।
इसलिए दो साल बाद अब उसे अपनी एक सामान्य जांच के बाद पता चला कि दांई आंख खोने के बावजूद उसे कैंसर है और अब कुछ हफ्तों में वो मर जाएगी।
अपने कुछ बचे दिनों में डेबी ने सनबेड बनाने वाली कंपनियों को बैन करने की सरकार से अर्जी की है। वो अपने कुछ आखिरी दिन अपने पति और एक बेटी के साथ बिता रही हैं।
जब कुत्ते को गवाह के तौर पर कोर्ट में किया पेश और...
मजाक नहीं हकीकत! दंपति का दावा, आधे घंटे तक दिखा यूएफओ