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जननांग से जुड़ा हुआ है उनके वफादार और धोखेबाज होने का राज
Updated Sat, 15 Feb 2014 11:39 AM IST
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यूनिवर्सिटी ऑफ ओस्लो के वैज्ञानिकों का कहना है पुरुषों के वृषणकोष और उनके व्यवहार के बीच गहरा संबंध है।
सेक्स के दौरान रंगेहाथ पकड़ी गई, तो लगा दी खिड़की से छलांग
वैज्ञानिकों की मानें तो जिन पुरुषों के वृषणकोष अधिक बड़े होते हैं वो धोखेबाज होते हैं। शोध के दौरान उन्होंने पाया कि हमारे पूर्वजों के वृषणकोष बड़ हुआ करते थे और उनमें इमानदारी का अभाव हुआ करता था।
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वैज्ञानिकों की मानें तो जिन पुरुषों के वृषणकोष अधिक बड़े होते हैं वो धोखेबाज होते हैं। शोध के दौरान उन्होंने पाया कि हमारे पूर्वजों के वृषणकोष बड़ हुआ करते थे और उनमें इमानदारी का अभाव हुआ करता था।
क्या कहना है शोधकर्ताओं का?
पीटर बोकमैन का कहना है कि महिलाएं, पुरुषों के वृषणकोष के आधार पर उनके ईमानदार और धोखेबाज होने का पता लगा सकती हैं। कोई पुरुष किसी महिला के प्रति जितना बेवफा होता है, उसका वृषणकोष उतना ही बड़ा होता है।
पैसे खर्च करके बन गया भूत, मिलिए इस जिंदा प्रेत से
इसके पीछे कारण देते हुए शोधकर्ताओं का कहना है कि बड़े वृषणकोष होने के कारण उसमें स्पर्म की संख्या काफी अधिक होती है और उन्हें संतुष्ट करने के लिए उसे अंडाणुओं की आवश्यकता होती है।
ये कैसा प्यार! जिसने बीवी और बेटी से उनका चेहरा ही छीन लिया
इसी वजह से वो एक से अधिक औरतों संग संबंध बनाने की ओर प्रेरित होते हैं।
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गोरिल्ला का उदाहरण
वैज्ञानिकों का कहना है कि गोरिल्ला के वृषणकोष बहुत बड़े नहीं होते हैं। इसलिए वो एक ही मादा के साथ रहते हैं जबकि बोनोबोस के टेस्टिकल काफी बड़े होते हैं और वो एक बड़े समुदाय के साथ संबंध बनाता है।
क्रेजी न्यूज के अनुसार, इसके अलावा शेर के टेस्टिकल भी काफी बड़े होते हैं और इसी वजह से वो एक से अधिक मादाओं संग संबंध बनाता है।
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