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बिजली चली जाए, डॉन्ट वरी! चिप है न

Wed, 05 Jun 2013 02:19 AM IST
आफताब अजमत
आफताब अजमत Updated Wed, 05 Jun 2013 02:19 AM IST
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smart chip

गर्मियों में बार-बार बत्ती गुल, पावर सप्लाई के दौरान ग्रिड और सप्लाई में लाइन लॉस, दबाव बढ़ने पर ट्रांसफार्मर का फुंक जाना जिससे कई दिनों तक बिजली का ठप होना।

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इन सब झंझटों से अब स्मार्ट तरीके से मुक्ति का तरीका इजाद कर लिया गया है। देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज(पेट्रोलियम विवि) और बीएसईएस यमुना पावर की टीम ने ढाई महीने की मशक्कत के बाद ऐसी स्मार्ट चिप बनाई है जिसकी सहायता से लाइन लॉस और ट्रांसफार्मर में होने वाली संभावित गड़बड़ी की रिपोर्ट 15 दिन पहले ही इंटरनेट पर प्राप्त हो जाएगी।
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इससे जुड़े ग्रिड को उन्होंने स्मार्ट ग्रिड का नाम दिया है। स्मार्ट ग्रिड के तहत ट्रांसफार्मर में एक स्मार्ट चिप लगाई गई है। यह चिप ट्रांसफार्मर के संचालन के दौरान पेश आ रहे हर परिवर्तन से पहले ही आगाह कर देती है। चिप जिस ग्रिड और ट्रांसफार्मर से जुड़ी होगी, उसका पूरा डाटा इंटरनेट पर भेज देगी।
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पेट्रोलियम विवि के निदेशक अरुण ढांड के मुताबिक पहले चरण में यह चिप पावर सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही है, जिसका पूरा डाटा दिल्ली स्थिति बीएसईएस कंपनी में भी एक्सेस किया जा रहा है। दूसरे चरण में यह पेट्रोलियम विवि के सभी जेनरेटर में लगाई जाएगी, ताकि डीजल के प्रवाह से लेकर तमाम विद्युत वितरण संबंधी समस्याओं पर काबू पाया जा सके।

तृतीय चरण में यह स्मार्ट चिप विवि के 100 किलोवाट के सोलर पावर प्लांट में भी लगाई जाएगी, जो कि दूर दराज के बिजली से महरूम इलाकों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।

ऐसे काम करती है स्मार्ट चिप

ट्रांसफार्मर में लगी यह चिप जीएसएम आधारित मोडम पर कार्य करती है। चिप विवि में 630 केवीए और 750 केवीए के दो ट्रांसफार्मर में लगाई गई है। चिप के जरिए ट्रांसफार्मर के करेंट, वोल्टेज, पावर, एनर्जी, ऑयल तापमान और ऑयल के स्तर की पूरी जानकारी पाई जा सकेगी।

यह चिप कंट्रोल रूम डोर, फायर अलार्म और शॉर्ट सर्किट संबंधी चेतावनी भी पहले ही भेज देगी। चिप द्वारा भेजी गई रिपोर्ट आसानी से इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ने की सूरत में भी चिप आगाह कर देती है ताकि लोड कम कर ट्रांसफार्मर को फुंकने से बचाया जा सके। डाटा ट्रांसफार्मर के लिए एक निजी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी की सेवाएं ली गई हैं।


प्रोजेक्ट में ये रहे मददगार
यूपीईएस के पावर सेक्टर एडवाइजर सुभाष आर सेठी, बीएसईएस यमुना पावर के निदेशक डा. कमल बंसल, विवि के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के एचओडी नरेंद्र बी सोनी, फैकल्टी सदस्य आरएम शर्मा, एमपी राजू, शिल्पी, तकनीकी अधिकारी और प्रोजेक्ट सुपरवाइजर विनय गुप्ता, गंगाधर, बीएसईएस यमुना पावर के उपाध्यक्ष हर्ष शर्मा और सौरभ अग्रवाल की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाया है।

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