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अपने ही हनीमून पर छह बार मर गया ये शख्स

Tue, 17 Sep 2013 01:03 PM IST
Updated Tue, 17 Sep 2013 01:03 PM IST
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six heart attack on honeymoon

दिल का एक दौरा हमें दहशत में ला देता है। तो सोचिए, एक 33 साल के नौजवान पर क्या गुजरी होगी जब उन्हें एक नहीं दिल के छह दौरे पड़े। वह भी तब जब वे जीवन के नाजुक और खुशरंग लम्हों से गुजर रहे थे।

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हुआ यूं कि ब्रिटेन में पेशे से होटल व्यवसायी एन्ड्रयू ब्रिटन की शादी 2012 के नवंबर महीने में हुई।

एन्ड्रयू ने अपनी नई नवेली दुल्हन लॉरेन के साथ मालदीव में हनीमून मनाने की योजना बनाई। हनीमून पर जाते समय वे एकदम तंदुरुस्त थे। मगर मालदीव पहुंचने के एक घंटे के भीतर ही वे कुछ असहज महसूस करने लगे।
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एन्ड्रयू को वहां दिल के छह दौरे आए। दम घोंट देने, मरणासन्न कर देने वाले दिल के छह-छह दौरे।

हनीमून
एन्ड्रयू ब्रिटन बताते हैं कि हनीमून पर जाते समय सब कुछ ठीक था। उन्होंने बताया, "मैं एक स्क्वैश खिलाड़ी हूं और हमेशा ट्रेनिंग पर भी जाता रहता हूं। इसलिए तन-मन से हमेशा फिट रहता हूं।"
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ब्रिटन की तबीयत हवाई जहाज में ही खराब होनी शुरू हो गई थी। पहले उन्हें लगा कि ये मामूली सर्दी है। फूड प्वॉयजनिंग की भी आशंका हो रही थी।

मालदीव में एन्ड्रयू होटल के कमरे में ही बने रहे। वे खुद को काफी कमजोर महसूस कर रहे थे।

पत्नी लॉरेन ने बताया, "सच कहूं तो शुरू-शुरू में मैंने एन्ड्रयू की ढीली तबीयत को गंभीरता से नहीं लिया। मुझे लगा कि सफर का असर होगा।"

लॉरेन बताती हैं, "तब आधी रात थी। एन्ड्रयू मेरे पास आए और कहने लगे कि वे सांस नहीं ले पा रहे। उनकी छाती में भी दर्द हो रहा था। मैं डर गई। तुरंत घंटी बजाई और अस्पताल जाने के लिए स्ट्रेचर मंगवाया।"

एन्ड्रयू पसीने से तर-ब-तर हो रहे थे। वे बताते हैं, "मैं हांफ रहा था। बेहोशी जैसी छा रही थी। सांसें छूट रहीं थीं।"

वे जब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने पहले बताया कि उन्हें स्वाईन फ्लू हुआ है। उनकी तबीयत बिगड़ती ही चली गई। उन्हें इन्क्यूबेटर और दूसरे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया।

लॉरेन ने बताया, "एन्ड्रयू के बेड का पर्दा खींच दिया गया। अलार्म बजने लगे। अचानक छह-सात डॉक्टर उनके बेड की तरफ दौड़े। वे सब चिल्ला रहे थे। मैं पर्दे के बाहर बैठी घबराहट से कांप रही थी।"

तभी एक डॉक्टर ने लॉरेन को आकर बताया कि एन्ड्रयू को दिल का दौरा पड़ा है। इसके बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया।

एन्ड्रयू के दिल ने काम करना लगभग बंद कर दिया था। इलाज के बाद उनकी तबीयत कुछ स्थिर हुई।

मगर अगली ही सुबह एन्ड्रयू को दिल का दूसरा दौरा पड़ा।

कागज और कलम से संवाद
लॉरेन बताती हैं, "मैं सुबह-सुबह एन्ड्रयू से मिलने गई थी। बात करते-करते अचानक उनकी आंखें उलटने लगीं। मैंने अलार्म बजाया।"

अगले दिन लॉरेन को बताया गया कि एन्ड्रयू को यदि एक दिन में किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।

फिर उन्हें बैंकॉक लाया गया। वहां वे दो हफ्ते रहे। इस दौरान वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रहते थे।

बोलना मुश्किल था इसलिए कागज और कलम संवाद का जरिया बने।

एक दिन एन्ड्रयू ने कागज पर लिख कर पूछा, "क्या मैं मरने वाला हूं?"

तब तक एन्ड्रयू को दिल के छह दौरे पड़ चुके थे। एन्ड्रयू कहते हैं, "मैं कागज पर छह बार मर चुका था।"

बीमारी की वजह
एन्ड्रयू कहते हैं, "मुझे बताया गया कि मेरी इस गंभीर हालत की वजह कोई वायरस है। शायद कोई आम वायरस, या फ्लू वायरस। मेरा शरीर उससे लड़ नहीं पा रहा। इसका असर दिल पर हो रहा है।"

एन्ड्रयू की दिल की बीमारी ठीक करने के लिए उनके दिल के दो ऑपरेशन हुए।

वे कहते हैं, "मैं खुश हूं कि मैं अपनी बीमारी से लड़ा और जिंदगी में वापसी की। शरीर की सारी गतिविधियां सामान्य हैं। मैं चाहता हूं, हम जल्दी अपने घर जाएं।"


फिलहाल एन्ड्रयू को किसी अच्छे 'हार्ट डोनर' का इंतजार है। तब से अब तक नौ महीने गुजर चुके हैं। वे ब्रिटेन के अस्पताल के वार्ड में दिल के प्रत्यारोपित किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

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