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अंतरिक्ष में 'सेक्स सुख' पाना इसलिए आसान नहीं...
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
Updated Sat, 20 Apr 2013 04:37 PM IST
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अंतरिक्ष में सेक्स करना आसान नहीं। अगर कोई लंबे अंतरिक्ष मिशन या यात्रा पर जाए तो उसे सेक्स की स्वाभाविक इच्छा पर काबू करना पड़ेगा। दरअसल स्पेस में जीरो ग्रेविटी सेक्स के बीच दीवार बन जाती है।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि साल 2018 में 501 दिन के लिए मार्स मिशन पर जा रहे एक विवाहित जोड़े के लिए स्पेस में दांपत्य सुख लेना कठिन हो जाएगा। हालांकि ये जोड़ा अगर किसी भी तरह स्पेस में सेक्स सुख लेने में कामयाब हुआ तो वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिल जाएगी।
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मशहूर बायोलॉजिस्ट एथीना एंड्रेयेसिस ने कहा कि स्पेस में जीरो ग्रेविटी सेक्स सुख के बीच दीवार खड़ी करती है।
एथीना ने कहा कि दबाव की कमी और फ्रैक्शन की गैरमौजूदगी में सेक्स संभव ही नहीं है। ऐसा वातावरण धरती पर नहीं है और इसलिए धरती पर सेक्स करना संभव है। लेकिन ये दोनों ही चीजें स्पेस में नहीं है।
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'सेक्स इन स्पेस' नामक पुस्तक की लेखिका लाउरा वुडमेन्सी ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि स्पेस में सेक्स एक बखेड़े से ज्यादा कुछ नहीं है।
लाउरा ने कहा कि ज्यों ज्यों स्पेस में जीवन की संभावनाएं बनाई जा रही है, इंसान की स्वाभाविक प्रक्रियाओँ के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
ज्यों ज्यों स्पेस में जीवन की संभावनाएं बढ़ रही हैं, वैज्ञानिक स्पेस में मानव क्रियाओँ के बारे में आकलन करने लगे हैं।
लाउरा ने कहा कि प्रयोग के तौर पर नॉनप्रॉफिट मिशन के तहत एक जोड़े को लंबे समय के लिए मार्स पर भेजा जा रहा है। इनकी स्वाभाविक इच्छाओँ, क्रियाकलापों के आधार पर इस बात का पता चल सकेगा कि स्पेस में जीवन किस तरह संभव हो सकता है।