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20 रुपए में 80 किलोमीटर दौड़ता है स्कूटर
वाराणसी/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 12 Sep 2012 04:33 PM IST
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जुगाड़ तकनीक के मामले में भारतीयों का कोई मुकाबला नहीं। अब उत्तरप्रदेश जिले के वाराणसी में रहने वाले राजकुमार यादव को ही लीजिए। उन्होंने अपनी 30 साल पुरानी स्कूटर में ऐसा जुगाड़ लगाया कि गाड़ी ने पेट्रोल से तौबा कर ली। गाड़ी रोज सड़कों पर दौड़ती है मगर बूंद भर पर पेट्रोल खर्च नहीं होता।
पेट्रोल के दिनोंदिन बढ़ते दाम से आजिज आकर राजकुमार ने 1981 मॉडल बजाज चेतक स्कूटर को बैटरी से चलाने का फैसला किया। काफी जुगत के बाद वह अपने मिशन में सफल हो ही गए। 12 वोल्ट की चार बैटरी, इलेक्ट्रानिक बाइक का कंट्रोल पैनल और इलेक्ट्रानिक बाइक का अगला पहिया अपनी स्कूटर में फिट किया और बन गया काम। गाड़ी का मूल आकार जस का तस रहा मगर स्कूटर को नई पहचान जरूर मिल गई। बैटरी की वजह से गाड़ी का वजन जरूरी 40 किलो बढ़ गया।
स्कूटर की खासियत सभी को हैरान करने वाली है। जब यह सड़कों पर फर्राटा भरती है तो गाड़ी का न तो इंजन आवाज करता है और न ही साइलेंसर से धुआं बाहर निकलता है। पेट्रोल टंकी सूखी हो तो भी कोई फिक्र नहीं। स्विच दबाते ही चलने को तैयार हो जाती है गाड़ी।
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मालूम हो कि राजकुमार ने पुरानी समझकर इस स्कूटर को कबाड़ी के हाथों 2500 रुपये में बेच दिया था। मगर फिर क्या सूझी कि उसे वह 3500 में दोबारा कबाड़ी से खरीद लाए और जुट गए पुरानी स्कूटर को नई पहचान देने में।
स्कूटर की खासियत
बैटरी और पेट्रोल दोनों से चलता है बजाज का यह स्कूटर
गाड़ी न तो कोई आवाज करती और न ही धुआं निकलता है
12 वोल्ट की चार बैटरी लगी है जो एक साथ काम करती है
बैटरी को फुल चार्ज करने में चार यूनिट बिजली खर्च होती है
फुल चार्ज होने पर स्कूटर 80 किमी का सफर तय करती है
पूरी गाड़ी एक इलेक्ट्रनिक कंट्रोल पैनल से नियंत्रित होती है
अगले पहिए में लगा है डबल सॉकर, कंट्रोल पैनल से सीधे जुड़ा
सबसे बड़ी विशेषता
बैटरी से चलने पर फ्रंट व्हील ड्राइव
इंजन से चलने पर बैक व्हील ड्राइव
स्कूटर की डिजाइन से छेड़छाड़ नहीं
बैटरी से चलने वाली बाइक को देखने के बाद मेरे दिमाग में विचार आया कि क्यों ने अपने पुराने स्कूटर पर यह फार्मूला आजमाया जाए। काफी मशक्कत के बाद मैं अपने मिशन में कामयाब हुआ। हालांकि गाड़ी का वजन जरूर बढ़ गया मगर गाड़ी के लुक से कोई छेड़छाड़ नहीं किया गया है। महीने में कभी-कभार पेट्रोल भरवा लेता हूं ताकि इंजन भी काम करता रहे। ज्यादातर बैटरी से गाड़ी चलता हूं। टू व्हीलर बनाने वाली कंपनी यदि इस तकनीकी का इस्तेमाल करें तो गाड़ी चलाने के लिए पेट्रोल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
--राजकुमार यादव
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पेट्रोल के दिनोंदिन बढ़ते दाम से आजिज आकर राजकुमार ने 1981 मॉडल बजाज चेतक स्कूटर को बैटरी से चलाने का फैसला किया। काफी जुगत के बाद वह अपने मिशन में सफल हो ही गए। 12 वोल्ट की चार बैटरी, इलेक्ट्रानिक बाइक का कंट्रोल पैनल और इलेक्ट्रानिक बाइक का अगला पहिया अपनी स्कूटर में फिट किया और बन गया काम। गाड़ी का मूल आकार जस का तस रहा मगर स्कूटर को नई पहचान जरूर मिल गई। बैटरी की वजह से गाड़ी का वजन जरूरी 40 किलो बढ़ गया।
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स्कूटर की खासियत सभी को हैरान करने वाली है। जब यह सड़कों पर फर्राटा भरती है तो गाड़ी का न तो इंजन आवाज करता है और न ही साइलेंसर से धुआं बाहर निकलता है। पेट्रोल टंकी सूखी हो तो भी कोई फिक्र नहीं। स्विच दबाते ही चलने को तैयार हो जाती है गाड़ी।
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मालूम हो कि राजकुमार ने पुरानी समझकर इस स्कूटर को कबाड़ी के हाथों 2500 रुपये में बेच दिया था। मगर फिर क्या सूझी कि उसे वह 3500 में दोबारा कबाड़ी से खरीद लाए और जुट गए पुरानी स्कूटर को नई पहचान देने में।
स्कूटर की खासियत
बैटरी और पेट्रोल दोनों से चलता है बजाज का यह स्कूटर
गाड़ी न तो कोई आवाज करती और न ही धुआं निकलता है
12 वोल्ट की चार बैटरी लगी है जो एक साथ काम करती है
बैटरी को फुल चार्ज करने में चार यूनिट बिजली खर्च होती है
फुल चार्ज होने पर स्कूटर 80 किमी का सफर तय करती है
पूरी गाड़ी एक इलेक्ट्रनिक कंट्रोल पैनल से नियंत्रित होती है
अगले पहिए में लगा है डबल सॉकर, कंट्रोल पैनल से सीधे जुड़ा
सबसे बड़ी विशेषता
बैटरी से चलने पर फ्रंट व्हील ड्राइव
इंजन से चलने पर बैक व्हील ड्राइव
स्कूटर की डिजाइन से छेड़छाड़ नहीं
बैटरी से चलने वाली बाइक को देखने के बाद मेरे दिमाग में विचार आया कि क्यों ने अपने पुराने स्कूटर पर यह फार्मूला आजमाया जाए। काफी मशक्कत के बाद मैं अपने मिशन में कामयाब हुआ। हालांकि गाड़ी का वजन जरूर बढ़ गया मगर गाड़ी के लुक से कोई छेड़छाड़ नहीं किया गया है। महीने में कभी-कभार पेट्रोल भरवा लेता हूं ताकि इंजन भी काम करता रहे। ज्यादातर बैटरी से गाड़ी चलता हूं। टू व्हीलर बनाने वाली कंपनी यदि इस तकनीकी का इस्तेमाल करें तो गाड़ी चलाने के लिए पेट्रोल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
--राजकुमार यादव