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क्या खूब गाती है यह नन्हीं चिरइया

Sat, 13 Oct 2012 03:09 PM IST
योगेश योगी/हरिद्वार
योगेश योगी/हरिद्वार Updated Sat, 13 Oct 2012 03:09 PM IST
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research claims female pied bushcat sings

यह नन्हीं चिरइया (मादा पाइड बुशचैट) न सिर्फ गाती है, बल्कि क्या खूब गाती है। पक्षी विज्ञान की आम धारणा है कि मादा पक्षी के पास गाने की क्षमता नहीं होती। इसके कुछ अपवाद हैं तो उनके गीतों के सुर और लय नर की तुलना में कमजोर होते हैं। लेकिन दो पक्षी वैज्ञानिकों के शोध नतीजों ने इस धारणा को तोड़ दिया है। पाया गया कि यह मादा पक्षी भी नर जैसा ही गाती है। उसके सुर, सरगम और स्वर सब नर के समान ही होते हैं। इस शोध को वैज्ञानिक जगत ने मान्यता दे दी है।

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इस शोध को अंजाम दिया है गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में स्थापित पक्षी संवाद एवं विविधता प्रयोगशाला के प्रधान अन्वेषक प्रो. दिनेश भट्ट और डॉ. विनय कुमार सेठी ने। उन्होंने बताया कि पाइड बुशचैट प्रजाति की मादा प्रजनन काल की कुछ विशेष स्टेज जैसे घोंसला निर्माण, अंडे देने के दौरान ज्यादा आक्रामक हो जाती है। इस दौरान वह किसी दूसरी मादा को अपने नर साथी के पास नहीं भटकने देती। इस समय मादा के गीत दूसरी मादाओं के लिए चेतावनी होते हैं।
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प्रमाणिक माना गया शोध
प्रो. दिनेश भट्ट और डॉ. विनय कुमार सेठी का शोध जुलाई 2010 में पूरा हुआ था। इसके नतीजे इंडियन एकेडमी ऑफ साइंस बंगलूरु भेजे गए थे। इंडियन एकेडमी ऑफ साइंस की ओर से प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय इम्पैक्ट फैक्टर जर्नल करंट साइंस के 10 अक्टूबर, 2012 के अंक में यह शोध कवर स्टोरी बना। इससे यह शोध प्रमाणिक हो गया है।
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ऐसे किया गया शोध
पक्षी वैज्ञानिक प्रो. दिनेश भट्ट की टीम ने फरवरी 2010 से हरिद्वार के आसपास के क्षेत्रों में पाइड बुशचैट पक्षी पर शोध शुरू किया। इसके लिए 12 जोड़े चिन्हित किए गए। अत्याधुनिक साउंड रिकार्डिंग यंत्रों और माइक्रोफोन की सहायता से मादा पाइड बुशचैट के गीतों को रिकार्ड किया। इसके बाद गुरुकुल कांगड़ी की पक्षी संवाद एवं विविधिता प्रयोगशाला में साउंड एनालिसिस साफ्टवेयर की सहायता से ध्वनि संकेत ग्राफ (स्पेक्टोग्राफ) तैयार किया गया। इससे शोध के नतीजे सामने आए।

आबादी से दूर रहता है पाइड बुशचैट
पाइड बुशचैट पक्षी का वैज्ञानिक नाम सैक्सीकोला केपरेटा है। यह पक्षी उत्तराखंड सहित उत्तर भारत में मिलता है। आबादी से दूर खेतों में पाए जाने वाले इस पक्षी को एकांत पसंद है।


शोध से स्पष्ट हो गया कि मादा पक्षी भी नर पक्षी के समान गीत गाने में सक्षम है। नर दूसरे नरों को चेतावनी देने के लिए गाता है और पाइड बुश चैट मादा अन्य मादाओं को अपने नर साथी से दूर रहने की चेतावनी देने के लिए गाती है।
-प्रो. दिनेश भट्ट, पक्षी वैज्ञानिक

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