{"_id":"107892d8-d5ed-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"rebirth-after-twenty-minutes","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरने के बीस मिनट बाद हुआ उसका पुनर्जन्म!","category":{"title":"Bizarre News Archives","title_hn":"हटके खबर आर्काइव","slug":"bizarre-news-archives"}}
मरने के बीस मिनट बाद हुआ उसका पुनर्जन्म!
एनसी भटेले
Updated Sun, 16 Jun 2013 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के तिलियानी गांव के तीन साल के छोटू को वर्ष 2010 में मरे मनोज के जीवन से जुड़ी सभी बातें याद हैं। उसने पूर्व जन्म के माता-पिता और रिश्तेदारों को पहचाना हैं।
विज्ञापन
विज्ञान पुनर्जन्म को भले ही मान्यता न दे लेकिन गांव के लोग इसे सच मान रहे हैं। फिलहाल ‘दोनों जन्मों’ के मां-बाप का दुलार छोटू को मिल रहा है।
करहल क्षेत्र के गांव तिलियानी में वर्ष 2010 में क्वार माह की अष्टमी के दिन सत्यभान सिंह यादव के पुत्र मनोज (8) को बिच्छू ने काट लिया था।
मनोज को मिनी पीजीआई सैफई में भर्ती कराया गया। इसी दिन तिलियानी के ही राजू की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर मिनी पीजीआई में भर्ती कराया गया।
यह संयोग ही था कि रात को 10:40 बजे मनोज की मौत हुई और लगभग 11 बजे राजू की पत्नी ने पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम छोटू रखा।
विज्ञापन
परिवार वालों का कहना है कि छोटू जब ढाई साल का हुआ तो वह मनोज के पिता सत्यभान को पापा कहकर बुलाने लगा।
सत्यभान का दावा है कि छोटू ने ऐसी कई बातें बताई हैं जो मनोज या उसके घर वाले ही जानते थे। अब पुनर्जन्म को मानते हुए छोटू को सत्यभान और उसका परिवार मनोज की तरह प्यार करते हैं।
विज्ञापन
छोटू के मां-बाप को इससे कोई ऐतराज नहीं हैं। उनका कहना है कि छोटू को दो-दो मां-बाप का प्यार मिल रहा है। इस बारे में एसएन मेडिकल कालेज के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा का कहना है कि साइंस और मनोविज्ञान पिछले जन्म में विश्वास नहीं करता।