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अफसोस! अर्थशास्त्र में रावण के हाथों मात खा गए श्रीराम जी
इंटरनेट डेस्क/कानपुर
Updated Tue, 09 Oct 2012 02:26 PM IST
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रामायण में रामकथा के जरिए असत्य पर सत्य की जीत दिखाई गई है। यानी कि सत्य का साथ देने वाले श्री राम असत्य का साथ देने वाले रावण पर भारी पड़ते हैं। लेकिन नए जमाने के अर्थशास्त्र में रावण श्रीराम पर भारी पड़ता दिख रहा है। जी हां, कानपुर में रामलीला का मंचन करने वाले कलाकार राम बनने से कतराते हैं क्योंकि राम का पारिश्रमिक रावण को मिलने वाले पारिश्रमिक से कम है। रावण का पात्र निभाने वाले कलाकार को राम जी बनने वाले कलाकार से ज्यादा पैसे मिलते हैं। रावण बनने वाले भी रामजी के भक्त हैं, लेकिन पैसे उनसे ज्यादा लेते हैं। लक्ष्मण जी भी कम रेट के हैं और डांसर की तो क्या कहिए, मंच पर तक-धिन-धिन करने वाली डांसर के रेट सबसे ज्यादा हैं।
रामलीला के अर्थशास्त्र की लीला जाननी हो तो आइए कानपुर के नौबस्ता स्थित चतुर्वेदी बिल्डिंग के पास मोहल्ले में। इसकी पहचान रामलीला के कलाकारों की मंडी के रूप में है। इन दिनों इस मोहल्ले में खूब रौनक है। शहर भर की रामलीला के आयोजक आ-जा रहे हैं। कोई राम जी को तलाश रहा है तो कोई रावण का पता पूछ रहा है। जैसा लीला का बजट है, वैसे ही रेट पर किरदार उपलब्ध हैं। आइए इसी मोहल्ले में चलकर ‘प्रभु की लीला देखते हैं’।
गणेश चर्तुर्थी के बाद से ही चतुर्वेदी बिल्डिंग स्थित अरुण बाजपेई की कपड़े की दुकान पर रामलीला कलाकारों की भीड़ लगनी शुरु हो जाती है। पचास वर्षीय अरुण खुद भी लीला में राजा जनक की भूमिका निभाते हैं। सारे कलाकार एक साथ बैठते हैं और मंडलाधीश के साथ नवरात्र से शुरु होने वाली रामलीला की तैयारी में जुट जाते हैं। कोई अपनी ड्रेस को धुलवाने की समस्या बताता है तो कोई नए धनुष, बाण और तलवार की जुगाड़ में जुट जाता है।
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ये हैं किरदारों के रेट
राम 300 से 1500 रुपए प्रतिदिन
रावण 500 से 1800 रुपए प्रतिदिन
लक्ष्मण 400 से 1600 रुपए प्रतिदिन
सीता 100 से 700 रुपए प्रतिदिन
हनुमान 200 से 1200 रुपए प्रतिदिन
परशुराम 700 से 3000 रुपए प्रतिदिन
दशरथ 250 से 800 रुपए प्रतिदिन
विश्वामित्र 200 से 600 रुपए प्रतिदिन
जनक 200 से 600 रुपए प्रतिदिन
बाणासुर 200 से 500 रुपए प्रतिदिन
विदूषक 300 से 1000 रुपए प्रतिदिन
डांसर 2000 से 5000 रुपए प्रतिदिन
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रामलीला के अर्थशास्त्र की लीला जाननी हो तो आइए कानपुर के नौबस्ता स्थित चतुर्वेदी बिल्डिंग के पास मोहल्ले में। इसकी पहचान रामलीला के कलाकारों की मंडी के रूप में है। इन दिनों इस मोहल्ले में खूब रौनक है। शहर भर की रामलीला के आयोजक आ-जा रहे हैं। कोई राम जी को तलाश रहा है तो कोई रावण का पता पूछ रहा है। जैसा लीला का बजट है, वैसे ही रेट पर किरदार उपलब्ध हैं। आइए इसी मोहल्ले में चलकर ‘प्रभु की लीला देखते हैं’।
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गणेश चर्तुर्थी के बाद से ही चतुर्वेदी बिल्डिंग स्थित अरुण बाजपेई की कपड़े की दुकान पर रामलीला कलाकारों की भीड़ लगनी शुरु हो जाती है। पचास वर्षीय अरुण खुद भी लीला में राजा जनक की भूमिका निभाते हैं। सारे कलाकार एक साथ बैठते हैं और मंडलाधीश के साथ नवरात्र से शुरु होने वाली रामलीला की तैयारी में जुट जाते हैं। कोई अपनी ड्रेस को धुलवाने की समस्या बताता है तो कोई नए धनुष, बाण और तलवार की जुगाड़ में जुट जाता है।
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ये हैं किरदारों के रेट
राम 300 से 1500 रुपए प्रतिदिन
रावण 500 से 1800 रुपए प्रतिदिन
लक्ष्मण 400 से 1600 रुपए प्रतिदिन
सीता 100 से 700 रुपए प्रतिदिन
हनुमान 200 से 1200 रुपए प्रतिदिन
परशुराम 700 से 3000 रुपए प्रतिदिन
दशरथ 250 से 800 रुपए प्रतिदिन
विश्वामित्र 200 से 600 रुपए प्रतिदिन
जनक 200 से 600 रुपए प्रतिदिन
बाणासुर 200 से 500 रुपए प्रतिदिन
विदूषक 300 से 1000 रुपए प्रतिदिन
डांसर 2000 से 5000 रुपए प्रतिदिन