करिश्मा ! एक दुआ ने बेजान पैरों में भर दी जान
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जरूरी नहीं कि लोग जन्म से ही विकलांग हो। कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनके साथ ऐसी दुर्घटनाएं घट जाती हैं कि उन्हें अपने पैर या फिर चल सकने की शक्ति को गवांना पड़ता है।
कुछ ऐसी ही कहानी इस महिला की भी है। तकरीबन 11 सालों पहले तक एक ब्रेस्ट कैंसर और दिमाग की एक नस में आई गड़बड़ी के कारण उसकी चलने- फिरने की शक्ति जा चुकी थी।
उसने अपने जिंदगी के पूरे 11 साल व्हीलचेयर पर ही बैठे गुजार दिए। डॉक्टर भी उसे कह चुके थे कि वो नहीं चल सकती है।
जब गई दर्शन को
74 साल की मिशलीना कोमेग्ना इटली के पॉम्पी शहर में स्थित वर्जिन ऑफ रोजरी नाम के चर्च में भगवान की पूजा करने आई थी।
उन्हें अचानक ही वहां बैठने के बाद ऐसा महसूस हुआ कि जैसे वो कहीं से जल रहीं हैं। मिशलीना का कहना है कि उन्हें उस पल ऐसा लगा कि उन्हें खड़े होकर भागना चाहिए।
इस बात का जिक्र उन्होंने अपने साथियों से भी किया। आग से जलन की अहसास इतना ज्यादा था कि आखिर वो उठ खड़ी हुई और चलने लगी।
अब हैं बिल्कुल ठीक
वो पल मिशिलीना की जिंदगी का सबसे बड़ा पल था जब वो 11 साल बाद एक चर्च में पूजा करने के दौरान उठ खड़ी हुई और चलने लगी।
उन्हें भगवान के इस करिश्मे का अभी भी शुक्रियादा करते नहीं थक रही हैं।
उनका कहना था कि डॉक्टरों के बोलने के बाद कि वो पैरालाइज है और अब चल नहीं पाएगी, 11 साल में उसे खुद भी विश्वास हो गया था कि उसका चलना अब मुमकिन नहीं।
लेकिन इस करिश्मे के बारे में बताने के बारे में उनके पास शब्द ही नहीं बचे।