फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Bizarre News Archives ›   nursing home donkey therapy

'गधे कर रहे हैं' इंसानों का इलाज

Fri, 27 Dec 2013 03:20 PM IST
मार्क सिम्पसन/बीबीसी संवाददाता
मार्क सिम्पसन/बीबीसी संवाददाता Updated Fri, 27 Dec 2013 03:20 PM IST
विज्ञापन
nursing home donkey therapy

उत्तरी आयरलैंड के एंट्रीम काउंटी के नर्सिंग होम में आने वाले लोगों का इलाज एक असमान्य चिकित्सा पद्धति से किया जा रहा है।

विज्ञापन


इस पद्धित में गधों का इस्तेमाल लोगों को खुश करने और उनके अंदर सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है। यह इलाज का एक नया तरीका है।

गधे को इस उद्देश्य से अब तक जिन स्थानों पर ले जाया गया उनमें से एक है बैलीक्लेयर में क्लियर व्यू नर्सिंग होम।

लेकिन दोपहर के भोजन के बाद नर्सिंग होम के अंदर गधा लाने से मुसीबत हो सकती है।

ऐसी ही किसी मुसीबत वाली स्थित से सामना करने के लिए एक बड़ी बाल्टी गधे के पीछे की ओर लगानी पड़ती है और यह बाल्टी गधे के हर कदम के साथ उसके साथ ही होती है। लेकिन शायद ही कभी बाल्टी की जरूरत पड़ती है।

स्थानीय निवासी विवियन हैना ने कहा, "गधे को अंदर आने की अनुमति है यह देखना अद्भुत और सुंदर है यह बड़े आश्चर्य की बात है। "

शांतिप्रिय गधे
हैना कहती हैं, "स्थानीय लोगों में बहुत सारे लोग जब छोटे थे तब घोड़े और गधे उनके पालतू जानवर थे इसलिए गधों के आस-पास होने से उनकी पुरानी अच्छी यादें ताजा हो जाती है।''
विज्ञापन


वे कहती हैं, "यह निश्चित रूप से उन्हें बहुत उत्साहीत करने वाला है। गधों के चले जाने के बाद भी यह उनके लिए बड़ी चर्चा का विषय है।"

नर्सिंग होम की बैठक में गधे की दुलकी चाल देख कर उनके चेहरे पर मुस्कान छा जाती है।

ये गधे, जानवरों के एक अभयारण्य टेम्पल पैट्रिक से लाए जाते हैं। यह अभयारण्य अभी घायल या छोड़ दिए गए 17 जानवरों की देखभाल कर रहा है ।

लेकिन यह सवाल भी उठ रहा है कि नर्सिंग होम के लिए दिन के वक्त गधों को भेजना उचित है?

इस पर अभयारण्य प्रबंधक, टीना सीमींगटन ने कहा, "गधों को नर्सिंग होम जाना पसंद है अगर उन्हें पसंद नहीं होता तो हम कभी भी उन्हें नहीं भेजते, उनकी पसंद हमारे लिए महत्वपूर्ण है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


वे कहती हैं, "गधों को सामाजिक होना पसंद है। उन्हें लोगों के बीच रहना पसंद है, वे भी बहुत शांत स्वभाव के होते हैं।"

यह अभयारण्य उन स्वयंसेवकों की मदद से चलाया जा रहा है जो उत्तरी आयरलैंड में काम करने वाले एक संगठन के साथ जुड़े हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed