फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Bizarre News Archives ›   nigerian factory babies bought and sold

प्रेगनेंट करने का दावा करके देती थी 'ट्यूमर'

Mon, 27 May 2013 04:45 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 27 May 2013 04:45 PM IST
विज्ञापन
nigerian factory babies bought and sold

शायद ही आपने कभी ऐसी खबर पढ़ी होगी, जहां एक मिड वाइफ बच्चे पैदा करने के नाम पर गोरखधंधा करती थी।

विज्ञापन


न्यूज डॉट कॉम की खबर के मुताबिक दक्षिण नाइजीरिया के हरकोर्ट की ओबी जॉर्ज 'मिरेकल चाइल्ड ' पैदा करवाने की आड़ में मोटी रकम वसूलने का काम करती थी। जॉर्ज के पास ज्यादातर वही औरतें आती थीं जिन्हें शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी मां बनने का सौभाग्य नहीं प्राप्त होता था।

डेसोप सेसिलिया उन्हीं में से एक थ़ी। उन्हें दो जुड़वा बच्चों की चाहत थी लेकिन शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी वो मां नहीं बन सकीं।

जॉर्ज ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उसके पास एक ऐसी औषधि है जिससे वो गर्भवती हो जाएगी। सौदा 9800 डॉलर में तय हुआ। सेसिलिया जब भी वहां जाती जॉर्ज उसे एक औषधि दे देती। कुछ महीने बाद ही उनका पेट फूल गया और पांव भारी हो गए।
विज्ञापन


हालांकि जॉर्ज की ओर से सख्त हिदायत थी कि वो अस्पताल में किसी भी तरह की जांच नहीं कराए, क्योंकि ये मिरेकल बच्चे हैं। ठीक नौ महीने बाद सिसेल को बुलाया गया और उसे बेहोश कर दिया गया। जब उसे होश आया तो उसकी गोद में दो बच्चे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिसेल की खुशी का ठिकाना नहीं था लेकिन कुछ दिन बाद ही उसे पता चला कि ये दोनों बच्चे उसके नहीं हैं।

कुछ ऐसी ही ख्वाहिश लेकर जॉय इबे उसके पास आईं। उन्होंने तीन बच्चों के लिए 17 हजार 500 डॉलर खर्चे। लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें बच्चे नहीं मिल सके क्योंकि उसी समय पुलिस वहां आ पहुंची।

दरअसल जॉर्ज ने नोट कमाने का एक बिल्कुल नया तरीका ईजाद किया था। वो इन औरतों को एक ऐसी औषधि देती थी जिसे खाने के बाद उनके पेट में ट्यूमर हो जाता था और पांव भारी हो जाते थे।


लेकिन बच्चे कहां से आए?

जब इस बात से पर्दा हटा तो सुनने वालों के होश उड़ गए। दरअसल जॉर्ज ने कई किशोरियों को अपने यहां बंधक बना रखा था और जबरन उन्हें गर्भवती होने के लिए मजबूर करती थी। इसके अलावा इस गोरखधंधे में कुछ ऐसी किशोरियां भी होती थीं जो समाज के डर से बच्चा नहीं रख सकती थीं और उन्हें बेच देती थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed