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उफ् ! बेटी की जगह मां ने उठा लिया फोन और...

Tue, 12 Feb 2013 03:24 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क। Updated Tue, 12 Feb 2013 03:24 PM IST
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mother picked phone instead of daughter
कभी कभी रांग कॉल बड़ी बेहरम साबित होती है। ऐसा ही कुछ उस प्रेमी के साथ हुआ जिसका फोन प्रेमिका की बजाय उसकी मां ने रिसीव कर लिया। मां ने प्रेमिका बनकर उसे गांव बुला लिया और गांव पहुंचते ही प्रेमी की जमकर धुलाई हो गई।
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मामला जौनपुर के भदेठी गांव का है। यहां गलत कॉल पर प्रेमिका से मिलने गए युवक की जमकर पिटाई हुई। गांव वालों ने उसकी मोटर साइकिल भी फूंक दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया।
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खबर कुछ इस तरह है कि भदेठी गांव की शादीशुदा महिला का आजमगढ़ दीदारगंज थाने के भादों गांव के विवाहित युवक से प्रेम संबंध चल रहा है। युवक ने एक शाम अपनी प्रेमिका को फोन किया। कहा कि तैयार रहना हम आ रहे हैं। संयोग से फोन प्रेमिका की मां ने रिसीव कर लिया।
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मां ने गांव के कुछ युवकों को फोन पर हुई बातचीत की जानकारी दी। गांव के युवकों ने कथित प्रेमी को फोन किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उसने फोन पर गालियां दी। शाम को विवाद शांत हो गया। लेकिन गांव के युवक प्रेमी को धुनने की सोच बैठे थे।

तय हुआ कि दोबारा फोन आए तो झूठ बोलकर प्रेमी को गांव बुला लें। रात करीब आठ बजे युवक ने फिर फोन किया तो भदेठी गांव की बुजुर्ग महिला ने प्रेमिका की आवाज में उससे बात की और उसे गांव बुला लिया। रात करीब साढ़े दस बजे युवक अपनी बाइक से भदेठी गांव पहुंचा। उसकी प्रेमिका की मां नकाब डाले रास्ते में खड़ी थी और गांव के कुछ लोग आसपास ही मौजूद थे। युवक रुका और कहा कि जल्दी बैठो। बुजुर्ग महिला ने कहा कि नकाब उठाकर देख लो कि कौन है। जब महिला ने नकाब उठाया तो युवक के होश उड़ गए। तब तक गांव वाले पहुंचे और युवक को पीटना शुरू कर दिया।


कुछ युवकों ने उसकी बाइक में आग लगा दी। कुछ ही देर में पूरी बाइक जल गई। युवक की गांव में रिश्तेदारी भी थी। उसके रिश्तेदारों ने भादो गांव में परिजनों को फोन कर दिया। इस पर वहां से लोग लाठी डंडा लेकर पहुंचे लेकिन जब मामला दूसरा निकला तो लोग लौट गए। रिश्तेदारों ने मुक्त करने का दबाव बनाया लेकिन गांव वाले छोड़ने को तैयार नहीं हुए। जली हुई बाइक अपने घर उठा ले गए। फिर फोन कर पुलिस को बुलाया गया। थाने के दारोगा विजय बहादुर सिंह रात करीब एक बजे फोर्स के साथ पहुंचे और युवक को थाने ले आए। दोनों पक्ष थाने पर डटे रहे। गांव की इज्जत का हवाला देते हुए संभ्रांत लोगों ने सुलह समझौता करा दिया।
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