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बुजुर्गों के साथ साथ जवानों को भी शिकार बना रही है ये...
लंदन।
Updated Sat, 03 Nov 2012 01:04 PM IST
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केवल ज्यादा उम्र के लोग ही भूलने की बीमारी से परेशान नहीं होते, बल्कि 30 वर्ष की उम्र के लोगों को भी इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है। ब्रिटेन में 50 साल की उम्र के करीब 1000 लोगों पर किए गए एक सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। इसके अनुसार आमतौर पर औसतन 50 साल की उम्र में लोगों को चीजें भूलना शुरू हो जाती हैं। मगर अधिकतर लोगों ने कहा कि भूलने की बीमारी उन्हें कम उम्र में ही लग गई थी।
सर्वे के अनुसार 50 की उम्र में लोगों को अपने करीबियों तक के नाम याद रखने में मुश्किल पेश आती है। पांच में से दो लोगों ने स्वीकार किया कि उन्हें उन लोगों के नाम भी याद नहीं रहते जिन्हें वे सालों से जानते हैं। सर्वे के अनुसार कई लोग तो डॉक्टर से लिया गया अपाइंटमेंट तक भूल जाते हैं। वहीं दस में एक व्यक्ति ने कहा कि 40 साल की उम्र में ही उन्हें चीजें भूलने की बीमारी हो गई थी। वहीं 6 प्रतिशत लोगों ने 30 साल की उम्र से ही इस बीमारी से पीड़ित होने की बात कही।
उन्होंने माना कि अधिकतर कोई चीज भूलना ज्यादा नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन कई बार हम अस्पताल के अपॉइंटमेंट तक भूल जाते हैं या दुकानों में अपने प्रियजनों को छोड़ आते हैं। दस में से एक व्यक्ति ने कहा कि उन्होंने पाया कि 40 की उम्र पार करने के बाद उनकी याददाश्त जा रही थी और याददाश्त में यह कमजोरी 30 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद आई। पढ़ने, क्रॉसवर्ड भरने और पहेलियां सुलझाने, बच्चों को होम वर्क कराने या कुछ नया सीखने से याददाश्त कमजोर नहीं पड़ती।
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वर्ल्ड मैमोरी के पूर्व चैंपियन जोनाथन हैनकॉक ने कहा है कि याददाश्त आपके अभ्यास पर निर्भर है। मस्तिष्क एक मांसपेशी है जो आपके अभ्यास के हिसाब से बदलती है। हर कोई अपनी याददाश्त को प्रशिक्षित कर सकता है। इससे वे खुद को अपनी याददाश्त में आए सुधार से हैरान भी कर सकते हैं।
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सर्वे के अनुसार 50 की उम्र में लोगों को अपने करीबियों तक के नाम याद रखने में मुश्किल पेश आती है। पांच में से दो लोगों ने स्वीकार किया कि उन्हें उन लोगों के नाम भी याद नहीं रहते जिन्हें वे सालों से जानते हैं। सर्वे के अनुसार कई लोग तो डॉक्टर से लिया गया अपाइंटमेंट तक भूल जाते हैं। वहीं दस में एक व्यक्ति ने कहा कि 40 साल की उम्र में ही उन्हें चीजें भूलने की बीमारी हो गई थी। वहीं 6 प्रतिशत लोगों ने 30 साल की उम्र से ही इस बीमारी से पीड़ित होने की बात कही।
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उन्होंने माना कि अधिकतर कोई चीज भूलना ज्यादा नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन कई बार हम अस्पताल के अपॉइंटमेंट तक भूल जाते हैं या दुकानों में अपने प्रियजनों को छोड़ आते हैं। दस में से एक व्यक्ति ने कहा कि उन्होंने पाया कि 40 की उम्र पार करने के बाद उनकी याददाश्त जा रही थी और याददाश्त में यह कमजोरी 30 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद आई। पढ़ने, क्रॉसवर्ड भरने और पहेलियां सुलझाने, बच्चों को होम वर्क कराने या कुछ नया सीखने से याददाश्त कमजोर नहीं पड़ती।
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वर्ल्ड मैमोरी के पूर्व चैंपियन जोनाथन हैनकॉक ने कहा है कि याददाश्त आपके अभ्यास पर निर्भर है। मस्तिष्क एक मांसपेशी है जो आपके अभ्यास के हिसाब से बदलती है। हर कोई अपनी याददाश्त को प्रशिक्षित कर सकता है। इससे वे खुद को अपनी याददाश्त में आए सुधार से हैरान भी कर सकते हैं।