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चीन की ये क्रूर परंपरा जान चौंक जाएंगे आप

Wed, 25 Sep 2013 03:28 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 25 Sep 2013 03:28 PM IST
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Meet the last of China's women to have her feet bound

चीन क्षेत्रफल में जितना बड़ा है उतना ही परंपरा के लिहाज से भी। चीन की तमाम परंपराओं में से एक परंपरा पांव बांधने की भी है।

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डेली मेल की ख्ाबर के अनुसार, इस परंपरा के तहत बचपन में ही लड़कियों के पैर बांध दिए जाते थे। ऐसा माना जाता था कि छोटे पांव वाली औरतें ज्यादा खुबसूरत होती हैं। इसके अलावा पांव को मोड़कर इस तरह से बांधा जाता था कि पांव मुड़ा हुआ हो जाए।

हालांकि आधुनिक चीन में अब इस परंपरा का अस्तित्व खोता जा रहा है लेकिन इसका पालने करने वाली अंतिम महिला आज 102 साल की हो चुकी है।

हैन कियाओनी वो अंतिम महिला हैं जिनके पैर बचपन में ही मोड़ दिए गए थे। इस परंपरा को लेकर चलने वाली वो अकेली महिला हैं। यूझियान की हैन के पैर दो साल की उम्र में ही बांध दिए गए थे, जिसकी वजह से वो उसी समय टूट गए थे।
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हैन बताती हैं कि उनकी मां उनके पैरों को मोटे कपड़े से बांध देती थीं ताकि उनका पैर न बढ़े। लेकिन इसके बाद से वो करीब 6 महीने तक चल-फिर नहीं सकीं। चीन में से परंपरा काफी प्रचलित थी।
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चीन में इसे प्रभुत्व से जोड़कर देखा जाता था। जिसके पैर जितने छोटे उतना बेहतर। पहली बार साल 1912 में इस प्रथा पर प्रतिबंध लगाया गया लेकिन कुछ लोग चोरी-छिपे अपने घरों में लड़कियों के पैर बांधते थे।


कैसे हुई शुरुआत?
चीन में राज करने वाला लि यू एकबार डांस देखने पहुंचा था और वो उस डांसर के पैर देखकर सम्मोहित हो गया था। उस डांसर ने अपने पैर कपड़े से बांध रखे थे। जिसके बाद से चीन में पैर बांधने की परंपरा शुरू हो गई।

देखें तस्वीर:
foot
















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