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ताकतवर बनने के लिए इन्हें चाहिए 'मेंढक का खून'

Thu, 27 Jun 2013 11:59 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 27 Jun 2013 11:59 AM IST
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Mayoruna Tribes, Brazil and Peru

नशे के लिए सांप और बिच्छुओं का जहर लेने के किस्से तो आपने सुने होंगे, लेकिन ब्राज़ील के मेयोरूना और माटसीस इंडियन आदिवासियों की ये हरकत जानकर हैरान हो जाएंगे आप।

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ये आदिवासी अमेज़न के जंगलों में पाए जाने वाले जहरीले मेढ़कों से मिलने वाले ’आरबोरियल’ ज़हर को अपने शरीर में इंजेक्ट कर लेते है। उनका मानना है कि ये ज़हर उनकी शारीरिक शक्तियां और क्षमता बढ़ा देगा, जिससे वो और ज्यादा बेहतर तरीके से शिकार कर पाएंगे।
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मेयोरूना और माटसीस इंडियन आदिवासी ऐसा बरसों से करते आ रहे है।

हालांकि शोधों में पाया गया है कि खतरनाक मेंढकों से मिले इस जहर से इंसान का दिमाग क्षतिग्रस्त हो सकता है और उसे भूलने की बीमारी, डिप्रेशन और पार्किन्सन जैसे रोग भी हो सकते हैं।
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इस जहर को शरीर में इंजेक्ट करने से ऐसा करने वाले को उल्टी, चक्कर और बेचैनी हो सकती है, साथ ही पल्स रेट भी सामान्य से ज़्यादा बढ़ जाता है।

लेकिन मेयोरूना के आदिवासी इन बातों को ना समझकर ताकतवर बनने को जहरीले मेंढकों का जहर लेते हैं। वो जहर इंजेक्ट करने के बाद लंबी नींद में चले जाते हैं।

इंजेक्शन लेकर लंबी नींद के बाद जब ये लोग जागते हैं तो उन्हे भूख प्यास नहीं लगती है और थकान भी नहीं होती। इस समुदाय में माना जाता है कि अगर मर्दों को बेहतर शिकारी बनना है तो उन्हें मेंढक का जहर लेना ही होगा। इससे वो काबिल शिकारी बनकर घर परिवार का भरण पोषण बेहतर तरीके से कर पाएंगे।

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