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मेंढक-मेंढकी की शादी, गांव वाले बने बाराती
सोनभद्र/ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2013 10:49 AM IST
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में बारिश नहीं होने और जिले को सूखे से बचाने के लिए आदिवासियों ने सोमवार को ब्लाक के लिलासी गांव में मेढक और मेढकी का ब्याह कराया। लिलासी गांव के लोग आटो पर सवार होकर मुरता पहुंचे।
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वहां से बारात की शक्ल में निर्धारित स्थान पर पहुंचे। यह संयोग ही रहा कि शादी के कुछ देर बाद करीब चार घंटे जमकर बारिश हुई। आदिवासियों का मानना है कि ऐसा टोटका करने से बारिश होती है।
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मजे की बात यह थी कि बारिश से बचने के लिए बाराती अपने हाथों में पहले से छाता लिए हुए थे।
लिलासी देव स्थल से बारात मुरता देव स्थल पर लोग धूमधाम से बारात लेकर पहुंचे। निर्धारित स्थान से कुछ दूर पहले तक लोग पैदल ढोलक की थाप पर नाचते-गाते चल रहे थे।
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जैसे-जैसे बारात आगे बढ़ रही थी लोगों की भीड़ जुटती जा रही थी। वहां दोनों गांवों के लोगों द्वारा विधि-विधान से शादी की रस्म पूरी कराई। बारात विदाई के बाद वर-वधू को लिलासी देवस्थल चौरा पर देवी को प्रणाम कराकर पास स्थित पोखरी में जीवनयापन करने के लिए छोड़ दिया गया।
मुरता गांव के प्रधान रामसेवक यादव ने बताया कि शाम ढलते ही लिलासी गांव में करीब चार घंटे जोरदार बारिश हुई, गांव वालों और बुजुर्गों का कहना है कि समय से पानी बरसेगा, तभी धान की रोपाई हो पाएगी।