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रोमांच और रिस्क से भरी 'बर्फीली गुफाएं'
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
Updated Wed, 16 Jan 2013 11:31 AM IST
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बर्फ की वादियों में तो हम और आप खूब इंजॉय कर चुके हैं लेकिन कभी बर्फ की गुफाओं में रोमांचक चढ़ाई का लुत्फ उठाया है क्या। अगर आपको इस रोमांच से दो चार होना है तो फ्रांस के चमोनिक्स शहर में मेर डे ग्लेस ग्लेशियर की ओर रवाना हो जाइए। जी हां, यहां नवंबर दिसंबर में चमोनिक्स के एडवेंचर स्पोर्ट में बर्फ की अनोखी गुफा रोमांच पसंद लोगों के लिए खुलती है। मेर डे ग्लेस ग्लेशियर की गुफाएं ट्रैकिंग के अनोखे और हेरतअंगेज नजारों से रूबरू कराती हैं।
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ये बर्फीली गुफाएं रोमांच के साथ साथ फिसलन का रिस्क भी साथ देती हैं। कई जगह तो गुफाएं इतनी संकरी हैं कि निकलना दूभुर हो जाता है। जैसे ही सूरज की किरणें बर्फ की गुफा पर पड़ती, बर्फ का स्थिर रह पाना मुश्किल हो जाता और इसी के साथ चढ़ाई करने वालों की मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं। लेकिन सख्त हो चुके बर्फ के टीलों की मजबूती इस चढ़ाई में काफी मददगार साबित होती है।
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डेली मेल के अनुसार यहां कई गुफाएं हैं। एक गुफा लगभग 20 मीटर गहरी और छह मीटर चौड़ी हैं। जबकि दूसरी गुफा 30 मीटर तक गहरी और काफी ज्यादा संकरी है। दोनों गुफाएं अंदर की तरफ से एक सुरंग से जुड़ी हुई थी, लेकिन ये इतनी पतली है कि इनके बीच से निकलना काफी मुश्किल हो जाता है। पर्यटक यहां चढ़ाई करते हैं और रोमांच से दो चारे होते है। यहां गला देने वाला ठिठुरन और फिसलने का डर साथ साथ बना रहता है।
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ऐसे में अगर ग्लेशियर में बारिश हो रही हो तो डर और बढ़ जाता है। ऊपर की और चढ़ते हुए पानी सीधे मुंह पर पड़ता है। कई पर्यटक तो फिसल फिसल कर बिलकुल नीचे की तरफ पहुंच जाते हैं जहां से सहायक दल की मदद से उन्हें निकाला जाता है।
ब्रूस के अनुसार इन हिम-दरारों को फ्रेंच में मोउलिंस कहा जाता है। इन्हें बसंत या गर्मियों के मौसम में बनाया जाता है। जब पिघला हुआ पानी ग्लेशियर के रास्ते एक कुएं के आकार की डंडी के रूप में ढल जाता है। ग्लेशियर के अंदरूनी भाग से निकलने वाली ये नदियां कई बार काफी गहराई में चली जाती हैं, जिससे बर्फ की एक सुरंग जैसी बन जाती है।