फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Bizarre News Archives ›   man suicide and ablaze himself to get moksh

मोक्ष पाना था, खुद ही किया अपना अंतिम संस्कार

Fri, 25 Jan 2013 09:03 AM IST
कोयम्बटूर।
कोयम्बटूर। Updated Fri, 25 Jan 2013 09:03 AM IST
विज्ञापन
man suicide and ablaze himself to get moksh
कहते हैं कि जन्म और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है। लेकिन इस बात को झूठा साबित करने के लिए एक व्यक्ति ने खुद ही जान दी और जान देने के साथ साथ अपना अंतिम संस्कार भी कर लिया। आप भी सोच रहे होंगे कि ये क्या बात हुई। जान देने के बाद कोई अंतिम संस्कार कैसे कर सकता है। लेकिन यह सच है।
विज्ञापन


घटना कोयम्बटूर की है। यहां सैंट्रल जेल में उम्रकैद काट रहे एक कैदी को इस बात का अफसोस था कि उसका कोई रिश्तेदार नहीं है और ऐसे में अगर वो मर गया तो उसका अंतिम संस्कार कौन करेगा। यही सोचते हुए कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की और मरते मरते अपने आपको आग भी लगा ली।
विज्ञापन


जेल के अधिकारियों ने बताया कि शणमुंगन नाम का कैदी हत्या के आरोप में उम्र कैद काट रहा है। शणमुंगन हमेशा सोचा करता था कि उसका कोई अपना नहीं है जो मौत के बाद उसका विधिवत तरीके से अंतिम संस्कार कर सके। शणमुंगन साथी कैदियों से भी इस तरह की बात किया करता था। साथी हंसकर इस बात को टाल देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल अधिकारियों के अनुसार शणमुंगन ने कल रात बिना किसी ना नुकर के भोजन भी लिया था। फिर रात में जेल की बैरक में ही फांसी लगा ली। उसने जहां आत्महत्या की है वहां से एक कागज मिला, जिस पर लिखा था कि चूंकि उसके माता-पिता नहीं है इसलिए वह खुद ही अपना अंतिम संस्कार कर रहा है। उसकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। अधिकारी कह रहे हैं कि उसने अपने अंगोछे से फांसी लगाई। उधर साथी कैदी कह रहे हैं कि वो काफी दिन से इस बात को लेकर परेशान था कि अंतिम संस्कार न होने पर मोक्ष नहीं मिलता।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed