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बिन फेरे हम तेरे, दूल्हे ने कर दिया कमाल
मोदीनगर/संजीव वर्मा।
Updated Fri, 18 Jan 2013 12:12 PM IST
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आपको सूरज बड़ताज्या की फिल्म विवाह तो याद होगी। इसमें हीरो बुरी तरह घायल हीरोइन से अस्पताल में ही शादी करके एक आदर्श स्थापित करता है। लेकिन असल जिंदगी में ऐसा सीन तब देखने को मिला जब दूल्हे ने बिन फेरे ही अस्पताल में पड़ी दुल्हन को पत्नी स्वीकार कर लिया। दूल्हे के इस कदम ने समाज में एक नया आदर्श स्थापित किया है जिसे हर तरफ से प्रशंसा मिल रही है।
मामाला उत्तर प्रदेश के मोदीनगर का है। यहां एक तरफ शादी की शहनाइयां बज रही थीं और दूसरी तरफ दुल्हन के साथ एक हादसा हो गया। दूल्हा बारात लेकर पहुंचता इससे पहले दुल्हन अस्पताल पहुंच गई।
मोदीनगर बेगमाबाद गांव की मनीषा (काल्पनिक नाम) की शादी मेरठ कंकरखेड़ा के गौरव (काल्पनिक नाम ) से तय हुई। बुधवार को दोनों की शादी थी। बारात के स्वागत की तैयारी चल रही थी। घर में सब लोग अपने काम में व्यस्त थे। तभी अचानक दुल्हन मनीषा सीढ़ियों से फिसलकर गिर गई। खबर है कि घर की औरतें चाक पूजने गई थी और मनीषा बारात के लिए तैयार हो रही थी। इसी बीच सीढ़ियों से उतरते वक्त मनीषा का पैर फिसल गया और वह गिर पड़ी। दुल्हन के गिरते ही घर में चीख पुकार मच गई।
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आनन फानन में इसकी सूचना लड़के वालों को दी गई। तब तक बारात मोदीनगर के लिए रवाना हो चुकी थी। दूल्हा बारात छोड़कर मनीषा के घर पहुंचा और परिजनों के साथ मिलकर दुल्हन को अस्पताल ले गया। दूल्हे ने ही मनीषा को गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल भरती कराया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि गिरने से मनीषा के पैर की हड्डियां टूट गई हैं और कमर में काफी चोटें आईं है।
लड़की के परिवार वाले कुछ कह पाते इससे पहले ही दूल्हे ने ऐलान कर दिया कि वो बिना सात फेरों के ही मनीषा को अपनी पत्नी मान चुका है और हर हाल में मनीषा को अपनाएगा। दूल्हा रात भर मनीषा की सेवा में जुटा रहा और डॉक्टरों से परामर्श करता रहा। परिवार वालों ने कुछ कहने की कोशिश की लेकिन दूल्हे ने कहा कि सात फेरे जरूरी नहीं वो मन से मनीषा को पत्नी मान चुका है और ये रिश्ता निभाएगा।
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मामाला उत्तर प्रदेश के मोदीनगर का है। यहां एक तरफ शादी की शहनाइयां बज रही थीं और दूसरी तरफ दुल्हन के साथ एक हादसा हो गया। दूल्हा बारात लेकर पहुंचता इससे पहले दुल्हन अस्पताल पहुंच गई।
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मोदीनगर बेगमाबाद गांव की मनीषा (काल्पनिक नाम) की शादी मेरठ कंकरखेड़ा के गौरव (काल्पनिक नाम ) से तय हुई। बुधवार को दोनों की शादी थी। बारात के स्वागत की तैयारी चल रही थी। घर में सब लोग अपने काम में व्यस्त थे। तभी अचानक दुल्हन मनीषा सीढ़ियों से फिसलकर गिर गई। खबर है कि घर की औरतें चाक पूजने गई थी और मनीषा बारात के लिए तैयार हो रही थी। इसी बीच सीढ़ियों से उतरते वक्त मनीषा का पैर फिसल गया और वह गिर पड़ी। दुल्हन के गिरते ही घर में चीख पुकार मच गई।
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आनन फानन में इसकी सूचना लड़के वालों को दी गई। तब तक बारात मोदीनगर के लिए रवाना हो चुकी थी। दूल्हा बारात छोड़कर मनीषा के घर पहुंचा और परिजनों के साथ मिलकर दुल्हन को अस्पताल ले गया। दूल्हे ने ही मनीषा को गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल भरती कराया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि गिरने से मनीषा के पैर की हड्डियां टूट गई हैं और कमर में काफी चोटें आईं है।
लड़की के परिवार वाले कुछ कह पाते इससे पहले ही दूल्हे ने ऐलान कर दिया कि वो बिना सात फेरों के ही मनीषा को अपनी पत्नी मान चुका है और हर हाल में मनीषा को अपनाएगा। दूल्हा रात भर मनीषा की सेवा में जुटा रहा और डॉक्टरों से परामर्श करता रहा। परिवार वालों ने कुछ कहने की कोशिश की लेकिन दूल्हे ने कहा कि सात फेरे जरूरी नहीं वो मन से मनीषा को पत्नी मान चुका है और ये रिश्ता निभाएगा।