चमत्कारः पैरों से गुजरी दस टन वजनी बस, कुछ नहीं हुआ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़क दुर्घटना में रोज ही न जाने कितने लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं। इन्हीं दुर्घटनाओं में कुछ खुशकिस्मत लोग बच भी जाते हैं।
मौत को चक्मा देने की ऐसी ही कुछ कहानी राबर्ट फिलिप्स की भी है। एक दिन सड़क से गुजर रहे राबर्ट पीछे से तेज रफ़तार में आती हुई एक बस ने टक्कर दे मारी।
वो बस एक सिंगल डेकर बस थी और उसका वजन लगभग दस टन का था। दुर्घटना के दौरान राबर्ट के पैर बस के पहियों के नीचे आ गए और बस उसे रोंदते हुई चली गई।
बस, पैरों में आई मोच
अब इस आप राबर्ट की खुशकिस्मती कहें या फिर भगवान की कृपा, लेकिन दस टन की बस गुजर जाने के बाद भी राबर्ट को कुछ नहीं हुआ।
एक्सिडेंट के बाद राबर्ट का पैर बस मामूली रूप से जख्मी हुए। इन दिनों राबर्ट घर में ही रहकर पूरी तरह से अपनी हल्की चोटों को ठीक करने में लगे हैं।
राबर्ट खुद दस टन के बस के नीचे आ जाने के बाद भी सही सलामत बचे रहने से हैरान हैं। लेकिन पैर एकदम ठीक हालत में बचे रहने की राबर्ट एक ऐसी दलील देते हैं जिसे जानकर दंग रह जाएंगे आप।
स्टील टो वाले जूतों ने बचाई जिंदगी
राबर्ट ने कहा कि बस से पैर कुचल जाने के बाद उन्हें लगा था कि उनके पैर तो अब नहीं रहेंगे। लेकिन दुर्घटना के दिन उसने अपनी पसंद के खास 'स्टील टो' पहन रखे थे।
जूतों में आगे की तरफ स्टील लगे रहने की वजह से राबर्ट का मानना है कि उनके पैर एकदम सुरक्षित रहे।
अपनी नई जिंदगी के लिए वो अपने खास जूतों का शुक्रिया भी करते हैं।