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' मुझे अंग्रेजी नहीं आती, मेरा जीना बेकार है'
तमिलनाडु।
Updated Thu, 17 Jan 2013 01:33 PM IST
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यूं तो हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है लेकिन फिर भी यहां अंग्रेजी का साम्राज्य हावी है। नौकरी पानी हो या विदेश जाना हो, हर जगह अंग्रेजी भाषा जरूरत बन गई है। ऐसे में अंग्रेजी न बोल पाने वाले लोग मायूस हो जाते हैं। लेकिन तमिलनाडु में एक युवक अंग्रेजी न बोल पाने पर इतना मायूस हो गया कि उसने अपनी जान तक दे दी।
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मामला कोयंबटूर का है जहां एक युवक ने बस इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसके परिजनों ने उससे बस यह पूछा था कि वह थर्ड ईयर का छात्र हो गया है और अभी तक अंग्रेजी धारा प्रवाह के साथ नहीं बोल पाता है।
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युवक पहले से ही अंग्रेजी न बोल पाने के चलते असुरक्षित महसूस करता था। परिजनों की ये बात उसे उलाहने के तौर पर लग गई और इससे नाराज होकर उसने आत्महत्या कर ली।
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पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय छात्र पोंगल की छुट्टी में कोयंबटूर से आया हुआ था। वह कोयंबटूर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। बातचीत के दौरान जब उसके माता-पिता ने उससे यह सवाल किया तो वह दुखी होकर कमरे में चला गया। उसने अंदर से कमरा बंद कर लिया और जहर खा लिया। इससे उसकी मौत हो गई।
शिक्षकों और परिजनों की मानें तो वह मृदुभाषी और व्यवहार कुशल था। उसकी मौत के बाद जहां परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं उसके साथियों को इस मनहूस खबर पर विश्वास ही नहीं हो रहा है। पढ़ाई लिखाई से लेकर निजी जिंदगी में भी वह हमेशा मदद करने को तैयार रहता था। लेकिन ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि केवल अंग्रेजी नहीं बोल पाने के चलते अचानक उसके अंदर हीन भावना घर कर गई या फिर मामला कुछ और है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।