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यहां शादी अमीरों का चोंचला, कम सैलरी वाले कुंवारे ही भले
लंदन/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 09 Oct 2012 12:12 PM IST
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शादी परिवार और समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति चाहे वो किसी भी आय वर्ग आता है, अपनी सामर्थ्यनुसार शादी करता है। लेकिन ब्रिटेन में कम आय वर्ग वालों में शादी को लेकर क्रेज कम हो रहा है। कहा जा रहा है कि साल 2050 तक ब्रिटेन में शादीशुदा जोड़ों की संख्या में भारी कमी आ जाएगी। एक नई रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है। सेंटर फॉर सोशल जस्टिस ने ब्रिटेन में पाया कि शादी उच्च और मध्यम वर्ग में सुरक्षित है, लेकिन निम्न वर्ग में नहीं है।
रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अमीर लोग शादी करने और उसे निभाने में समर्थ होने के कारण ये बंधन स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे वर्ग में शादी को स्टेटस सिंबल की तरह यूज किया जा रहा है। लेकिन कम आय वर्ग के लोग शादी के बंधन में बंधने से डर रहे हैं। कारण है शादी और बच्चों की जिम्मेदारी। कम आय वर्ग के लोग यह मान रहे हैं कि वो खुद को स्थायित्व देने के अलावा इतना नहीं कमा पाते कि फैमिली की जिम्मेदारी उठा सकें
रिपोर्ट में कहा कि कम आय वालों में महज 50 फीसदी नए अभिभावकों ने शादी की है। सीएसजे ने परिवार टूटने की समस्या से निपटने को कुछ और जरूरी कदम उठाने में विफल रहने के लिए ब्रिटिश सरकार की भी आलोचना की। रिपोर्ट में कहा कि 2010 में डेविड कैमरन की सरकार बनने के बाद से विकास में कमी आई है। यह गहरी निराशा का परिणाम है। इसमें यह स्वीकार किया गया कि परिवार के स्थायित्व को बढ़ावा देने के लिए कई वादे किए गए, लेकिन उनको अमलीजामा पहनाने की कोई कोशिश नहीं की गई।
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रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अमीर लोग शादी करने और उसे निभाने में समर्थ होने के कारण ये बंधन स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे वर्ग में शादी को स्टेटस सिंबल की तरह यूज किया जा रहा है। लेकिन कम आय वर्ग के लोग शादी के बंधन में बंधने से डर रहे हैं। कारण है शादी और बच्चों की जिम्मेदारी। कम आय वर्ग के लोग यह मान रहे हैं कि वो खुद को स्थायित्व देने के अलावा इतना नहीं कमा पाते कि फैमिली की जिम्मेदारी उठा सकें
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रिपोर्ट में कहा कि कम आय वालों में महज 50 फीसदी नए अभिभावकों ने शादी की है। सीएसजे ने परिवार टूटने की समस्या से निपटने को कुछ और जरूरी कदम उठाने में विफल रहने के लिए ब्रिटिश सरकार की भी आलोचना की। रिपोर्ट में कहा कि 2010 में डेविड कैमरन की सरकार बनने के बाद से विकास में कमी आई है। यह गहरी निराशा का परिणाम है। इसमें यह स्वीकार किया गया कि परिवार के स्थायित्व को बढ़ावा देने के लिए कई वादे किए गए, लेकिन उनको अमलीजामा पहनाने की कोई कोशिश नहीं की गई।
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